नीतीश कैबिनेट: 7वें वेतन आयोग समेत 20 एजेंडों पर लगी मुहर…

बिहार सरकार के कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कई अहम फैलसे गए लिए। कैबिनेट की बैठक में बिहार सरकार ने कुल 20 एजेंडों पर मुहर लगायी है। जिसमे महत्वपूर्ण है 7 वें वेतन आयोग के लिए कमिटी बनाने का निर्णय।

जी हां बिहार के सरकार सेवकों यानि राज्यकर्मियों और पेंशनभोगियों को सातवें वेतनमान के लिए और इंतजार करना होगा। सरकार ने राज्य कर्मियों और पेंशनभोगियों को केन्द्र के मुताबिक नया वेतनमन देने के लिए फीटमेंट कमिटी की रास्ता चुना है। यह कमिटी अगले तीन महीने मे राज्य कर्मियों का वेतन निर्धारण कर सरकार को रिपोर्ट सौपेंगी। कमिटी के अध्यक्ष पूर्व मुख्य सचिव जीएस कंग को बनाया गया है। वे 1970 बैच के आईएएस अफसर हैं। इसके अलावे कमिटी मे दो सदस्य वित्त विभाग के व्यय सचिव राहुल सिंह और ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव विनय कुमार को बनाया गया है।

कैबिनेट के फैसले: 

  • गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अन्तर्गत बिहार पुलिस में अनुबंध पर कार्यरत सैप (स्पेशल आक्जिलरी पुलिस) कर्मियों के मासिक मानदेय में बढ़ोत्तरी यथा:- जूनियर कमिशन्ड आफिसर का मानदेय रू० 18000 से 20700 सैप जवानों का मानदेय रू० 15000 से 17250 एवं रसोईया का मानदेय रू० 11400 से 13110 की स्वीकृति दी गई। प्राप्त सूचनानुसार राज्य में कुल 6173 सैप बल में से 66 जूनियर कमीशंड आफिसर्स हैं, 6017 सैप जवान हैं तथा 90 रसोइया हैं। इसपर सालाना 16 करोड़ 64 लाख 44 हजार रु0 व्यय होंगे।
  • पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत कार्यपालक अभियंता (असैनिक), वेतनमान पी०बी०-3 (15600-39100/-) एवं ग्रेड पे 6600/-के पद से अधीक्षण अभियंता (असैनिक), वेतनमान पी०बी०-4 (37400-67000/-) एवं ग्रेड पे 8700/-के पद पर प्रोन्नति एवं प्रोन्नति हेतु सूचीकरण (पैनल) के संबंध में स्वीकृति।
  • गन्ना उद्योग विभाग के अन्तर्गत CWJC No. 273/2016 Bihar State Sugar Corporation Ltd. V/s Union of India & Others में दिनांक-04.07.2016 को पारित आदेश के आलोक में 7.50% सेवा कर की राशि मो० 1,09,47,097.50 रू० की स्वीकृति दी गई।
  • मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (सिविल विमानन निदेशालय) के अन्तर्गत सिविल विमानन निदेशालय के आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु वर्ष 2016-17 में गैर योजनान्तर्गत पाँच वर्षों के लिए एक नया (7+2 Seater) हेलिकाप्टर का Wet-Lease पर अधिप्राप्ति के क्रम में पाँच वर्षों के लिए कुल रु0 93,15,00,000 मात्र की स्वीकृति दी गई।
  • हृदय नारायण पाण्डेय, तत्कालीन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सम्प्रति अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश का शुद्धि पत्र।
  • सामान्य प्रशासन विभाग के ही तहत बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों को सुनिश्चित वृत्ति उन्न्यन योजना (ACP), 2003, एवं रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना (MACP), 2010 के तहत द्वितीय वित्तीय उन्नयन (पे-बैंड रु0 15,600-39,100/-, ग्रेड पे रु0 7,600/-) का लाभ प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।
  • गन्ना उद्योग विभाग के अन्तर्गत माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Civil Appeal Nos.-3937-3938/2011 में दिनांक-16.02.2015 को पारित न्यायादेश के आलोक में बिहार राज्य चीनी निगम के अधीन बंद इकाइयों को लम्बी अवधि की लीज पर हस्तांतरण के क्रम में मौसमी कर्मियों (Seasonal Workers) के लिए पुनरीक्षित Exit Settlement Plan की स्वीकृति दी गई।
  • तदनुसार अलग-अलग कोटि के कर्मियों के लिए अलग-अलग पुनरीक्षित प्लान है। नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत बिहार नगरपालिका पदाधिकारी एवं कर्मचारी पेंशन नियमावली (1987) मंे संशोधन की स्वीकृति दी गई।
  • समाज कल्याण विभाग (समाज कल्याण निदेशालय) के अन्तर्गत बिहार राज्य समाज कल्याण बोर्ड के मुख्यालय को दिनांक-31.03.2017 के पश्चात् समाप्त करने की स्वीकृति दी गई।
  • स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत डा० अश्विनी कुमार सिंह, तत्कालीन चि० पदा०, प्रा० स्वा० केन्द्र, नरहट, नवादा को वर्ष 1992 से लगातार पाँच वर्षों से अधिक तक अनाधिकृत अनुपस्थिति के आरोप में बिहार सेवा संहिता के नियम-76 के तहत सेवा से बर्खास्त करने का प्रस्ताव
    स्वास्थ्य विभाग के ही तहत डा० ठाकुर अशोक कुमार प्रसाद, चिकित्सा पदाधिकारी, रेफरल अस्पताल, कटैया, गोपालगंज को वर्ष- 2004 से लगातार पाँच वर्षों से अधिक अवधि तक अनाधिकृत अनुपस्थिति के आरोप में बिहार सेवा संहिता के नियम-76 के तहत सेवा से बर्खास्त करने का प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई।
  • राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्तर्गत भागलपुर जिलान्तर्गत जगदीशपुर अंचल के मौजा-कनकैंथी, थाना सं०-272, खाता सं०-315, खेसरा सं०-22, 29, रकबा-4.30 एकड़ गैरमजरूआ बिहार सरकार पुरानी परती भूमि 36,400/-रू० प्रति डिसमिल की दर से 1,56,52,000/-(एक करोड़ छप्पन लाख बावन हजार) रू० सलामी तथा सलामी के 5 प्रतिशत का 25 गुणा अर्थात 1,95,65,000/-(एक करोड़ पनचान्वे लाख पैंसठ हजार) रू० पँूजीकृत मूल्य सहित कुल-3,52,17,000/-(तीन करोड़ बावन लाख सतरह हजार) रू० के भुगतान पर 132/33 के०भी० विद्युत सब-स्टेशन की स्थापना हेतु बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कम्पनी लिमिटेड, बिहार को स्थायी हस्तान्तरण की स्वीकृति दी गई।
  • वित्त विभाग के अन्तर्गत बिहार जमाकत्र्ताओं के हितो का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) अधिनियम 2002 एवं संशोधन अधिनियम 2013 की धारा 3(2) में संशोधन करते हुए सभी जिलों के पुलिस निरीक्षको को भी इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध का अनुसंधान किये जाने हेतु प्राधिकृत करने के संबंध में, बिहार जमाकत्र्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) अधिनियम 2002, के धारा-3 एवं 9 में भारतीय रिजर्व बैंक से प्राप्त माॅडल पीआईडी अधिनियम के महत्त्वपूर्ण अंशों को अन्तः स्थापन एवं संशोधन करने के संबंध में।
  • वित्त विभाग के ही तहत सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में केन्द्रीय कर्मियों की भाँति, राज्य कर्मियों को वेतन/भत्तों पर अनुशंसा देने हेतु राज्य वेतन आयोग के गठन के संबंध में स्वीकृति दी गई।
  • आयोग के अध्यक्ष होंगे पूर्व मुख्य सचिव, बिहार श्री जी0एस0 कंग तथा अन्य दो सदस्यों में श्री राहुल सिंह (सचिव-वित्त) सदस्य सचिव होंगे एवं श्री विनय कुमार (सचिव-ग्रामीण कार्य) आयोग के दूसरे सदस्य के तौर पर कार्य करेंगे।
  • स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत राज्य के 21 ANM स्कूल, 6 GNM स्कूल तथा 1 स्टेट नोडल सेन्टर (SNC) में स्थापित वर्चुअल क्लासरूम में इंटरनेट कनेक्शन के साथ CEED Box के वार्षिक रख रखाव हेतु प्रति वर्ष रू० 76.503 लाख के वार्षिक व्यय पर मनोनयन के आधार पर बाह्य एजेंसी (Nichepro) का चयन करने की स्वीकृति।
  • स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना के अन्तर्गत ‘देशी चिकित्सा निदेशालय’ के पुर्नगठन एवं सुदृढ़ीकरण हेतु निदेशक (आयुर्वेद)/निदेशक (होमियोपैथिक)/निदेशक (यूनानी) के 3 पदों के साथ कुल 09 पदों के सृजन की स्वीकृति।
  • डा० जहिरूल हक, चिकित्सा पदाधिकारी, अति०प्रा०स्वा० केन्द्र, देवपुरा, बखरी, बेगुसराय को वर्ष 2000 से लगातार पाँच वर्षों से अधिक अनाधिकृत अनुपस्थिति के आरोप में बिहार सेवा संहिता के नियम-76 के तहत सेवा से बर्खास्त करने का प्रस्ताव।
  • स्वास्थ्य विभाग के ही तहत डाॅ० मंजू भदानी, चिकित्सा पदाधिकारी, प्रा०स्वा० केन्द्र, बरौनी, बेगुसराय को वर्ष 2001 से लगातार पाँच वर्षों से अधिक अनाधिकृत अनुपस्थिति के आरोप में बिहार सेवा संहिता के नियम-76 के तहत सेवा से बर्खास्त करने का प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई।

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