खुशखबरी! अब बिहार में भी 10 हजार रूपये से अधिक की ऑनलाइन शॉपिंग के रास्ते खुले, …जानिए

खुशखबरी! अब बिहार में भी आप 10 हजार रूपये से अधिक की ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं। जी हाँ, बिहार में 10 हजार रूपये से अधिक की ऑनलाइन शॉपिंग पर लगी रोक हट चुकी है। 1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद तमाम औपचारिकताओं के बाद अब कंपनियों ने बड़ी डिलीवरी शुरू कर दी है।

बताते चलें की 30 जून तक इंट्री टैक्स कलेक्शन के उपर्युक्त प्लेटफार्म नहीं होने से यह सेवा 2014 में ही बंद कर दी थी। इसके बाद से बिहार में सिर्फ छोटे-मोट सामान ही ऑनलाईन मार्केटप्लेस के रास्ते आ रहे थे।

गौरतलब है कि इसी कारण जून में प्री-जीएसटी छूट का भी पूरा फायदा बिहार में नहीं मिल सका। ई-कामर्स बाजार में प्री- जीएसटी की भारी छूट चलती रही परंतु बिहार में फिजीकल शॉपिंग पर छोटी-मोटी छूट ही मिला। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, होम एपलीयांसेज समेत तमाम कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पर दुकानों में जो छूट मिली वह ऑनलाइन शॉपिंग पर मिल रही छूट की करीब आधी ही रही।

बिहार सरकार की कानूनी अड़चन के कारण बिहार में 10 हजार से अधिक के कंसाइनमेंट ग्राहकों को नहीं भेजे जा सके। बताते चलें कि वर्ष 2014 में बिहार सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा बिहार में 10 हजार से अधिक के सामान की बिक्री पर रोक लगा दी थी। बिना परमिट इन सामानों को जब्त करने के आदेश हुए थे।

इसके बाद सरकार ने कई कूरियर कंपनियों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और सामान्य चल रहे कारोबार पर उस वक्त कर चोरी के मामले बन गए। इससे कंपनियां निराश हुईं और उन्होंने बिहार में व्यापार बंद कर दिया। परंतु यह अतिसार तब और गहरा होगा गया जब वर्ष 2015 के नवंबर के अंतिम सप्ताह में वाणिज्य कर विभाग ने एक और ऐसा फरमान जारी किया जिससे बिहार में ऑनलाइन खरीदारी पर चल रहा संकट और गहरा हो गया।

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विभाग ने कहा कि 10 हजार रुपए से कम के सामान मंगाने पर भी इंट्री टैक्स देना होगा। वाणिज्यकर विभाग के इस नए फरमान से कुरियर कंपनियों में हड़कंप मच गया और उन्हें कोर्ट की शरण में जाना पड़ा। खैर आगे-पीछे जो भी हुआ सबसे बड़ा नुकसान बिहार के ग्राहकों को हुआ।

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