#BSEB: स्‍क्रूटनी में उत्‍तर-पुस्तिकाओं का पुन: मूल्‍यांकन नहीं होगा, सिर्फ जोड़-घटाव होगा

बिहार स्‍कूल एग्‍जामिनेशन बोर्ड के 12वीं के नतीजे से परेशान स्‍टूडेंट्स बोर्ड के आदेश को साफ-साफ पढ़ लें।

स्‍क्रूटनी में सिर्फ इतना होगा, आप सभी ठीक से समझ लें…
1. अंदर के पृष्‍ठ पर दिए अंकों का मिलान मुख्‍य पृष्‍ठ के अंकों से किया जाएगा, त्रुटि पर सुधार कर दिया जाएगा।
2. मूल्‍यांकन में दिए गए अंकों की गणना में त्रुटि होगी तो उसमें सुधार होगा।
3. यदि कोई प्रश्‍न या खंड अमूल्‍यांकित है तो उसका मूल्‍यांकन कर प्राप्‍तांक में सुधार किया जाएगा।
4. स्‍क्रूटनी के परिणामस्‍वरुप अंक बढ़ सकते हैं,घट सकते हैं या यथावत रह सकते हैं।
5. किसी भी स्थिति में मूल्‍यांकित उत्‍तरपुस्तिकाओं का फिर मूल्‍यांकन नहीं होगा।

बोर्ड ने स्‍क्रूटनी में जांच के जो बिंदु निर्धारित किये हैं, उनमें आखिरी बिंदु सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण है। बोर्ड ने स्‍पष्‍ट किया है कि ‘किसी भी परिस्थिति में मूल्‍यांकित उत्‍तर-पुस्तिकाओं का पुन: मूल्‍यांकन नहीं होगा।’ इसका आशय स्‍पष्‍ट है। आप यदि मानकर चल रहे हैं कि आंसर तो आपने सही लिखा था,पर नंबर नहीं मिले, तो फिर जान लीजिए कि स्‍क्रूटनी में बहुत कुछ हासिल नहीं होने जा रहा।

कुछ हासिल होने की उम्‍मीद तभी है, जब एग्‍जामिनर ने पहले उस आंसर को जांचा ही नहीं हो। ऐसी स्थिति में आपको नंबर स्‍क्रूटनी में जरुर मिल जायेंगे। पर यदि एग्‍जामिनर ने पहले जांच दिया है और नंबर (कम-अधिक) दे दिया है, तो इसमें कोई बदलाव स्‍क्रूटनी में नहीं होगा। हाँ यदि मूल्‍यांकन में दिए गए अंकों की गणना में त्रुटि होगी तो उसमें सुधार होगा।

बोर्ड के निर्णय से स्‍पष्‍ट होता है कि इन आरोपों को खारिज कर दिया गया है कि उत्‍तर-पुस्तिकाओं की जांच गलत तरीके से की गई।

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बोर्ड आज 9 जून से स्‍क्रूटनी का कार्य आरंभ करा रहा है। 25 जून तक पूरा करने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है। कोई देरी नहीं होगी। उन परीक्षार्थियों की शिकायतों का निपटारा पहले किया जाएगा, जो इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में पास कर गये हैं, पर बोर्ड की परीक्षा में फेल हो गये हैं। लेकिन स्‍क्रूटनी से इन्‍हें कितना फायदा होगा, अभी नहीं कहा जा सकता।

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