CBSE का बड़ा फैसला: 10वीं में फिर बोर्ड परीक्षाएं, अगले साल से देनी होगी परीक्षा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्टूडेंट्स के लिए यह खबर खास है। शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सीबीएसई के तीन महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। बोर्ड की संचालन समिति ने 2018 में 10 से वीं कक्षा में बोर्ड परीक्षा को अनिवार्य करने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। इसके मद्देनजर अब 10 वीं के परीक्षार्थियों को बोर्ड की परीक्षा देनी होगी। विदित हो कि सीबीएसई ने छह साल पहले 10 वीं बोर्ड की परीक्षा को वैकल्पिक कर दिया था।

इसके अलावा दसवीं तक तीन भाषाओं की अनिवार्यता और सबसे अहम प्रिसिंपल बनने के लिए परीक्षा देना है। इन फैसलों पर मानव संसाधान विकास मंत्रालय की मोहर लगनी बाकि है। इसके बाद यह देशभर में लागू हो पाएंगे।

सीबीएसई की निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी बॉडी की कई घंटे तक चली मीटिंग में फैसला हुआ है कि साल 2018 से फिर से दसवी के बोर्ड एग्जाम होंगे।

मीटिंग में सदस्यों का मानना ​​था कि बोर्ड एग्जाम नहीं होने की वजह से शिक्षा का स्तर गिर रहा है।

इसी मीटिंग में यह फैसला हुआ कि दसवी तक तीन भाषाएं जरूरी होंगी। अभी तक यह फैसला सिर्फ आठवीं क्लास तक लागू है।

मीटिंग में सदस्यों ने सबसे अहम फैसला इस बात का लिया है कि प्रिसिंपल को भी टेस्ट देना होगा। सूत्रों के मुताबिक मेंबर्स को लग रहा था कि प्राइवेट स्कूल अपने के परिजन को प्रिसिंपल बना देते हैं, जिसकी वजह से शिक्षा के स्तर में गिरावट हो रही है। गौरतलब है कि देशभर में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त 18 हजार से ज्यादा स्कूल हैं।

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