बिहार के लाल सागर ने UPSC की परीक्षा में किया टॉप, …जानिए

बिहार में प्रतिभावानों की कमी नही है, बिहार के युवा हर जगह अपना परचम अपने कार्यो की बदौलत लहराते रहे हैं। आज हम बात कर रहे हैं बिहार के सहरसा के सागर कुमार की जो वर्तमान में Samsung R&D Institute India, Bangalore में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर कार्यरत हैं। जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा में टॉप किया है।

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा असिस्टेंट कमांडेंट के पद हेतु संचालित केन्द्रीय पुलिस बल 2016 की परीक्षा में सहरसा के सागर कुमार झा ने देशभर में फर्स्ट रैंक के साथ अंतिम रूप से चयनित होकर कोसी के साथ साथ बिहार का भी नाम ऊँचा किया है। सागर की यह सफलता कोसी व बिहार के छात्रों के लिए एक प्रेरणादायी खबर है। 26 फरवरी 1994 को जन्मे सागर झा ने अपने पहले ही प्रयास में पहला रैंक प्राप्त की है। तीन भाई बहनों में सबसे से छोटे सागर की इस सफलता से घर-परिवार व आस पड़ोस के सभी लोग खुश हैं। सागर के पिता मिहिर कुमार झा झारखंड के रांची में ब्लॉक कोऑपरेटिव ऑफिसर हैं जबकि माता सविता झा गृहणी हैं।

सागर के दादाजी चंद्रमोहन झा सहरसा जिले के कहरा ब्लाॅक के चैनपुर गांव के 35 वर्षों तक मुखिया रहे हैं। अपने पोते की इस सफलता से सागर के दादाजी काफी प्रसन्न हैं। सागर की इस सफलता से उनकी बड़ी बहन मीनाक्षी रंजन व समस्तीपुर रेलवे डिवीजन में पदाधिकारी उनके जीजा रविश रंजन भी काफी खुश हैं। सागर के बड़े भाई सूरज कुमार झा भी बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्तमान में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं।

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बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के धनी सागर ने अपनी प्रारंभिक विद्यालयी पढ़ाई कटिहार के स्काॅटिश पब्लिक स्कूल से पूरी की है। सागर की दसवीं की पढ़ाई धनबाद के कोयला नगर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में हुयी है।

ने रांची के डीपीएस पब्लिक स्कूल से बारहवीं करने के बाद कठिन माने जाने वाले आईआईटी की परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए वाराणसी के प्रसिद्ध संस्थान आईआईटी बीएचयू के कंम्प्यूटर साइंस में अपना स्थान पक्का किया। सागर झा ने आईआईटी बीएचयू से इंजीनियरिंग की पढाई पूरी करने के बाद आठ महीने सैमसंग कंपनी के आर एण्ड डी सेक्शन में काम करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी की खातिर नौकरी छोड़ने का फैसला किया।

सागर कहते हैं कि मेरी सफलता का श्रेय मेरी मेहनत ,मेरे माता पिता ,भईया ,बहन व जीजाजी के साथ साथ भगवान को भी जाता है। वे अपनी उपलब्धि के लिए चैनपुर के वर्षों तक मुखिया रहे अपने दादा जी श्री चंद्रमोहन झा व दादी भारती देवी को भी श्रेय देते हैं। उसके बाद वे परिवार के बाक़ी सदस्यों और दोस्तों के सहयोग को स्थान देते हैं।

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