बिहार का लाल अमरेश बना रहा देश का सबसे लंबा वेडिंग गाउन

कहते हैं हौसले बुलंद और इरादे नेक हों तो, इंसान को मंजिल दिलाने में पूरी कायनात लग जाती है। कुछ ऐसी ही कहानी है, बिहार के भोजपुर के फैशन डिजाइनर अमरेश सिंह की। उनका डिजाइन किया वेडिंग गाउन फैशन जगत में तहलका मचाने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खादी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के आह्वान से प्रेरित होकर अमरेश ने खादी का ही 200 मीटर लंबा वेडिंग गाउन तैयार किया है।

यह देश का सबसे लंबा वेडिंग गाउन होगा। देश में सबसे लंबे वेडिंग गाउन का खिताब 149 मीटर का है। जिसे त्रिपुरा में फैशन डिजाइनिंग ऑफ कोयम्बटूर के छात्रों ने बनाया था।

गाउन का कपड़ा अजमेर मेरवाड़ा ग्राम सेवा मंडल के अध्यक्ष महेश चंद्र गोयल ने तैयार कराया है। महज, एक सप्ताह में 6 असिस्टेंट डिजाइनरों की मदद से गाउन तैयार हुआ। डिजाइनर्स में चंचल वर्मा, रिया शर्मा, अंतिमा शर्मा, गुंजन पखाड़िया, रिंकी गिधवानी, रुखसार शेरवानी शामिल थीं। गाउन अब प्रदर्शन के लिए तैयार है। इस माह के अंत तक अजमेर में प्रदर्शित करने की योजना है। खास यह कि अब तक खादी का वेडिंग गाउन किसी ने तैयार नहीं किया है। इसलिए ऐसी उम्मीद है कि खादी से बने इस वेडिंग गाउन को विश्व की सबसे लंबी गाउन का दर्जा भी मिल सकता है।

भोजपुर के बेरथ गांव का रहने वाला है अमरेश
अमरेश सिंह अगियांव प्रखंड के बेरथ गांव निवासी है। अमरेश के पिता डॉ. अवधेश सिंह गांव में ही होमियोपैथिक डॉक्टर हैं। अमरेश की प्रारंभिक शिक्षा गांव में करने के बाद संभावना आवासीय उच्च विद्यालय आरा से मैट्रिक किया है। स्कूल में पेंटिंग की कार्यशाला से इस क्षेत्र में रुझान बढ़ गया। शहर के मशहूर चित्रकार भुवनेश्वर भास्कर, रौशन राय व संजीव सिन्हा से पेंटिंग सीखी।

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मनीष मल्होत्रा, नीता लूला व रियाज गांधी के साथ काम किया
महाराजा कॉलेज आरा से इंटर और स्नातक करने के बाद वह अजमेर चला गया। वहां फैशन डिजाइनिंग में मास्टर डिग्री ली। इसके बाद मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा, नीता लूला व रियाज गांधी के साथ 4 वर्षों तक काम किया। फिर इंसेम्बल फैशन के नाम से अजमेर में खुद का फैशन हाउस खोलकर काम करने लगा। फिलहाल फैशन डिजाइनिंग में ही वह डॉक्टरेट कर रहा है।

खादी को देश-विदेश के फैशन में शामिल करना चाहते हैं
भोजपुर जिले के रहने वाले अमरेश का मानना है कि मैं बहुत खुशनसीब हूँ कि मैं भारत जैसे विशाल देश में पैदा हुआ हूं, जिसके पग- पग पर रंग ,कला और संस्कृति और पारम्परिक परिधान है। मैं रंग, संस्कृति ,डिजाईन और खादी को लेकर अभी बहुत बड़े पैमाने पर काम कर रहा हू, जिससे देश विदेश में खादी का ट्रेंड विकसित हो।

गांधी की प्रतिमा और साधुओं को भगवा पहनाया था
इसी वर्ष 31 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर अमरेश ने अजमेर में गांधी जी की मूर्ति को खादी वस्त्र पहनाकर सुर्खियां बटोरी थीं। अमरेश को खादी ग्रामोद्योग राज्य मंत्री रमेश गोयल ने सम्मानित किया था।

इसके बाद सिंहस्थ महाकुंभ में अमरेश ने साधु-संतों के लिए केसरिया, भगवा, लाल, नारंगी, सफेद व पीले पारंपरिक परिधान धोती, कुर्ता, गंजी, गमछा, संत जैकेट, साध्वी साड़ी पहनाकर महाकुंभ में आमंत्रित किया था। जो चर्चा का विषय बना था।

गिरिराज सिंह करेंगे मदद
केंद्रीय खादी ग्रामोद्योग मंत्री गिरिराज सिंह ने अमरेश को मदद का भरोसा दिया है। अमरेश कहते हैं कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी के वक्तव्य से प्रेरित होकर उन्होंने खादी पर काम करना शुरू किया।

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