बिहार में विकास दर दोगुना व आमदनी तेरह फीसद बढ़ी, …जानिए

बुधवार को सीएम नीतीश कुमार ने 1, अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में दो चरण में मंत्रियों और प्रधान सचिवों के साथ बैठक में विकास दर में बढ़ोतरी की जानकारी दी। जी हाँ बिहार की विकास दर वर्ष 2016-17 में फिर से दोहरे अंक में पहुंच गई है। पिछले वर्ष यह दर दहाई अंक (7.14 प्रतिशत) से नीचे चली गई थी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 में बिहार की विकास दर (वर्तमान/चालू दर) के आधार पर 14.8 प्रतिशत है, जबकि स्थिर दर पर यह 10.32 प्रतिशत रही। बिहार में डबल डिजिट विकास दर हमारे लिए खुशी की बात है। बिहार के विकास में सब लोगों का सहयोग और योगदान है।

प्रति व्यक्ति आय 13% बढ़ी
सीएम ने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति आय वर्तमान/चालू दर पर 13.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय की बढ़ोतरी दर के मामले में बिहार का पूरे देश में दूसरा स्थान है। हमारा रास्ता न्याय के साथ विकास का है, समावेशी विकास का है तो सबको इसका लाभ मिले, यही हमलोगों की परिकल्पना है और इसी पर हम आगे बढ़ेंगे।

धरातल पर लागू की गई हमारी योजनाओं का बड़ा प्रभाव पड़ा है। कस्बों में स्कूल भवनों के निर्माण का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राज्य में निर्माण सामग्री की उपलब्धता बढ़ी। रोजगार भी पैदा हुए। योजनाओं को विकेन्द्रीकृत तरीके से लागू करने से विकास की गति बढ़ी है।

जो अधिकारी काम नहीं करेंगे उन्हें चिह्नित करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमें मिशन मोड में काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव/सचिवों को निर्देश दिया कि संसाधनों के उपयोग पर नजर रखें। विभाग के कार्यों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।

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विकास के कार्यों में और गति लानी है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की भी समीक्षा की जाएगी। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हमारा उद्देश्य उच्च शिक्षा में ग्रॉस इनरॉलमेंट रेशियो को बढ़ाना है। समाज में शांति के लिए जमीन से जुड़े मामले सुलझाएं।

विकास दर वृद्धि के 4 कारण
– निर्माण क्षेत्र में तेज प्रगति। रोजगार पैदा हुए।
– सर्विस सेक्टर-व्यापार, होटल, मरम्मत में उछाल।
– सरकार का टैक्स बेस बढ़ा। आय बढ़ी। निवेश बढ़ा।
– रोड ट्रांसपोर्टेशन क्षेत्र की बेहतरी की हिस्सेदार।

पिछले 10 साल में बिहार की विकास दर 

वर्षविकास दर (%)
2016-1714.8
2015-167.14
2014-1513.02
2013-149.92
2012-1314.5
2011-1213.13
2010-1114.77
2009-1010.42
2008-0911.44
2007-088

स्रोत : बिहार सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण 

सीएम ने मॉनसून सत्र के दौरान वरीय अधिकारियों को उपस्थित रहने का आदेश दिया। पहले चरण की बैठक में सुशील कुमार मोदी समेत सभी मंत्री थे। दूसरे चरण में सभी अफसर।

आज से विभागों के काम की समीक्षा
एनडीए की सरकार बनते ही कामकाज की रफ्तार बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार से विभागों के काम की पड़ताल शुरू कर देंगे। पहले चरण में 3-5 अगस्त तक 11 विभागों की समीक्षा बैठक होगी। दूसरे चरण में 9-10 अगस्त के बीच आठ विभागों की समीक्षा होगी। हर दिन दो से चार विभागों के काम की पड़ताल होगी। बैठकें सचिवालय के संवाद कक्ष में होंगी।

कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को निर्धारित तिथि पर उनके विभाग में विकास के एजेंडे से संबंधित प्रेजेंटेशन लेकर आने को कहा है। बैठक के तीन एजेंडा होंगे। विभाग का विजन। विभाग की नीतियां। विभाग की योजनएं, कार्यक्रम और प्रगति।

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