देश से तेज है बिहार की रफ्तार, पढ़ें…

बिहार देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में से एक है। राष्ट्रीय विकास दर 6.8 फीसदी है, जबकि राज्य का 7.6 फीसदी, यानी राष्ट्रीय औसत से लगभग एक फीसदी अधिक है।

इस दौरान लोगों की आमदनी भी बढ़ी है। वर्ष 2015-16 में राज्य का प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत का 35 फीसदी थी। गुरुवार को विधानसभा में पेश किए गए राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण (2016-17) में यह खुलासा किया गया है।

यह तथ्य भी सामने आया है कि दूसरे राज्यों की तुलना में बिहार में रहना, खाना सस्ता है। सितंबर 2015-16 के बीच जब देश में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर रोजमर्रा की चीज़ों के दाम बढ़ रहे थे। उसी अवधि में राज्य में महंगाई की दर अपेक्षाकृत कम थी। देश के स्तर पर महंगाई दर 4.31% थी तो बिहार में 2.52%।

ग्रामीण इलाकों में मुद्रास्फीति की दर 4.96% के देश थी तब राज्य के ऐसे ही क्षेत्रों में यह 2.74% थी। जहां तक ​​शहरी क्षेत्र की बात है देश के स्तर पर मुद्रास्फीति की दर 3.64% थी तो बिहार के शहरों में महंगाई दर में महज 1.68% थी। इस अवधि में गुजरात के ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर सर्वाधिक 7.83% रही।

रिपोर्ट पेश करने के बाद वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि राज्य के जीडीपी में सर्विस क्षेत्र का योगदान 62.2% है, जबकि प्राथमिक क्षेत्र का योगदान कम हो रहा है। इससे साबित हो रहा है कि विकासशील से विकसित राज्य बनने की दिशा में बिहार तेजी से बढ़ रहा है।

वित्तीय प्रबंधन में पांच सर्वश्रेष्ठ राज्यों में बिहार
राज्य का वित्तीय प्रबंधन देश के पांच बेहतरीन राज्यों में है। सरकार द्वारा ऋण लेने की सीमा राजकोषीय घाटा अधिनियम के तय मानक (3%) के अंदर है। पिछले पांच सालों में राज्य सरकार का अपना कर राजस्व 12,612 करोड़ रुपए से बढ़कर 25,449 करोड़ गया है हो।

पढ़े :   नीतीश कैबिनेट: 7वें वेतन आयोग समेत 20 एजेंडों पर लगी मुहर...

विकसित राज्य बनने की दिशा में बिहार
विधानसभा में सर्वेक्षण पेश करने के बाद वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि बिहार अपने बल पर विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2015-16 में वर्तमान मूल्य पर राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 4.14 लाख करोड़ था, जो कि स्थिर मूल्य (आधार वर्ष 2011-12) पर 3.27 लाख करोड़ था। इसी अवधि में वर्तमान मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 39,964 रुपए और स्थिर मूल्य पर 29,190 रुपए।

6 वर्ष में 120% बढ़ी बिजली की आपूर्ति
वर्ष 2011-12 में जहां 1712 मेगावाट बिजली मिलती थी 2016-17 में वह बढ़कर 3796 मेगावाट हो गयी है। पिछले छह सालों में बिजली आपूर्ति में 120 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

10 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर में तीन गुना निवेश
इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश तीन गुना किया गया है। वर्ष 2007-08 में सड़क और पुलों के निर्माण पर 2,696 करोड़ रुपए किया था जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 7696 करोड़ हो गया है।

इस तरह मजबूत हुई राज्य की वित्तीय सेहत
– राजस्व अधिशेष 2011-12 के 4,820 करोड़ से बढ़कर 2015-16 12,507 में करोड़ हुआ। यह अब तक का सर्वोच्च स्तर है। इससे पूंजीगत व्यय या विभिन्न योजनाओं में 5,800 करोड़ अतिरिक्त खर्च करने की क्षमता मिली।
– राजस्व प्राप्ति में 17,706 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जिसमें 16,659 करोड़ (94 प्रतिशत) की वृद्धि अकेले कर राजस्व बढ़ने से हुई है।
– केंद्रीय अनुदान में पिछली बार की तुलना में मात्र 420 करोड़ की ही बढ़ोतरी हुई, जबकि राज्य के आंतरिक टैक्स कलेक्शन में 628 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।
– वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2015-16 से तक पांच वर्षों में राज्य के अपने राजस्व में 19% की वृद्धि दर्ज की गयी। यह 12 हजार 612 करोड़ से बढ़ कर 25 हजार 449 करोड़ हो गया।
– इसी तरह राजस्व व्यय में भी वित्तीय वर्ष 2014-15 की तुलना में 2015-16 के दौरान में 11 हजार 46 करोड़ की वृद्धि हुई है। इस खर्च में सामाजिक सेवाओं में 4230 करोड़ (38 प्रतिशत), आर्थिक सेवाओं में 5,251 करोड़ (48 प्रतिशत) और सामान्य सेवाओं में 4564 करोड़ (14 प्रतिशत) की हिस्सेदारी है।
– सामाजिक विकास में खर्च 2011-12 के 19 हजार 536 करोड़ से बढ़ कर 38 हजार 684 करोड़ हो गया। इससे जन कल्याणकारी योजनाओं में राज्य सरकार की तरफ से विशेष ध्यान देने की बात सामने आती है।

पढ़े :   वाल्मीकीनगर से सुंदर बिहार में कोई जगह नहीं, इको टूरिज्म के लिहाज से होगा विकसित

इन क्षेत्रों में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि
17.7% विनिर्माण क्षेत्र में दर्ज की गयी
15.2% बिजली, गैस और जलापूर्ति में
14.6% व्यापार, मरम्मत, होटल व रेस्टोरेंट में
12.6% परिवहन, भंडारण और संचार में

टाॅप और फिसड्डी जिले
मानदंड                     टॉप थ्री                                                    बॉटम थ्री
प्रति व्यक्ति आय     (पटना, मुंगेर, बेगूसराय)                         (शिवहर, सुपौल, मधेपुरा)
पेट्रोल खपत             (पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण)          (शिवहर, अरवल, शेखपुरा)
डीजल खपत            (पटना, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर)          (शिवहर, अरवल, शेखपुरा)
एलपीजी उपयोग     (पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्वी शेखपुरा)          (शिवहर, अरवल, चंपारण)
छोटी बचत              (पटना, सारण, नालंदा)                            (प चंपारण, सीतामढ़ी, अररिया)

Our Goal is to Bring Important News, Photos and Information to the Public By Using Social Media, News Paper and E-News.

Live Bihar News

Our Goal is to Bring Important News, Photos and Information to the Public By Using Social Media, News Paper and E-News.

Leave a Reply

error: Content is protected !!