पीएम की सुरक्षा संभाल चुके बिहार के इस आईपीएस को एनएसजी में मिली अहम जिम्मेदारी

बिहार कैडर के तेज-तर्रार और चर्चित 2001 बैच के आइपीएस अधिकारी शालिन को देश की सुरक्षा से संबंधित बड़ी जिम्मेदारी दी गयी है। गृह मंत्रालय के निर्णय के बाद बिहार सरकार ने पटना सेंट्रल रेंज के डीआइजी शालीन को विरमित कर दिया है। अब वो अगले पांच वर्षों तक एनएसजी (नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड) में डीआइजी की जिम्मेवारी संभालेंगे। शालिन मई के पहले सप्ताह में दिल्ली में एनएसजी में अपना पदभार ग्रहण करेंगे।

पीएम की सिक्यूरिटी का संभाला जिम्मा
बिहार के नामचीन अफसरो में शुमार शालिन एनएसजी में योगदान करने से पहले काफी दिनों तक एसपीजी यानि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप में भी काम कर चुके हैं। एसपीजी में रह कर वो पीएम की सिक्यूरिटी का भी जिम्मा संभाल चुके हैं। शालीन वर्ष 2008 से 2014 तक प्रधानमंत्री के सुरक्षा दस्ता एसपीजी में रह चुके हैं। इस दौरान वे दो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (पूर्व) पीएम नरेंद्र मोदी के आंतरिक सुरक्षा घेरे के इंचार्ज थे। उन्हें एसपीजी के तेजतर्रार अधिकारियों में गिना जाता था। यही कारण है कि उन्होंने बतौर सेंट्रल रेंज के डीआईजी रहते पीएम और राष्ट्रपति के कार्यक्रमों का सफल आयोजन कराया।

बिल्डरों पर कसा शिकंजा
बतौर पटना रेंज डीआईजी शालिन बिल्डरों के लिये कहर बन कर बरपे। पटना समेत आसपास के इलाकों में बिल्डिंग निर्माण से जुड़े माफियाओं के खिलाफ शालिन ने शिकंजा कसा तो कईयों पर कार्रवाई भी की। शालीन की इस कार्रवाई में पटना के कई सफेदपोशों तक भी जांच पहुंची। फिर पटना में फ्लैट के नाम पर जालसाजी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ भी उन्होंने मुहिम छेड़ी।

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पटना के लोगों को लगवाई हेलमेट पहनने की आदत
शालिन की पहचान पटना की ट्रैफिक अभियान को दुरुस्त करने वाले अधिकारी के रूप में भी होती है। राजधानी के ट्रैफिक व्यवस्था की कमान संभालते हुए उन्होंने सड़कों पर पुलिसिया घेराबंदी कर लहरिया बाइकर्स को खदेड़ा तो बिना हेलमेट बाइक ड्राइविंग पर रोक लगाई। शालिन के अभियान की बदौलत ही पटना की किसी भी सड़क पर बाइक चालकों को हेलमेट पहनने की अादत लगाई।

पूरे थाने को किया था लाइन हाजिर
पटना पुलिस पर पैसे लेकर शराब माफियाओं को छोड़ने के आरोप लगे तो मामले में बड़ी कार्रवाई की। इस मामले में पटना के बेऊर थाने को लाइन हाजिर करने के बाद अब वहां के तत्कालीन थानाध्यक्ष वीरेन्द्र पाण्डेय को निलंबित कर दिया गया। इसी साल के फरवरी महीने सेंट्रल रेंज के डीआईजी शालीन ने माफियाओं को पैसे लेकर छोड़ने के मामले में पूरे थाने को आरोपी मानते हुए सभी पुलिसकर्मियों को एक साथ लाईन हाजिर कर दिया था। डीआईजी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।

पटना नाव हादसे की भी की थी जांच
इसी साल मकर संक्रांति के दिन पटना में हुए नाव हादसे जिसमें करीब दो दर्जन लोगों की मौत हो गई थी। जांच का जिम्मा भी शालिन को मिला था। टीम मे शालिन समेत अन्य अफसर भी शामिल थे। जिन्होंने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी जिसके आलोक में अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी।

कहा- हर जगह बेस्ट की लाइन्स में होते हैं बिहारी
शालीन ने कहा कि एक बार फिर से देश की सेवा करने का मौका मिलना मेरे लिये सौभाग्य की बात है। इस अधिकारी ने बिहार के ह्यूमन रिसोर्स को आउट स्टैंडिंग बताया तो यहां के लोगों को मेहनती, हिम्मती और लगनशील। उन्होंने कहा कि बिहार के अधिकारी या कर्मचारी किसी भी जगह सर्वश्रेष्ठ होते हैं।

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