उपराष्ट्रपति चुनाव: विपक्ष ने महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी को बनाया उम्मीदवार

पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर और महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी को कांग्रेस की अगुआई वाली विपक्षी पार्टियों ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना कैंडिडेट बनाया है। कांग्रेस प्रेजिडेंट सोनिया गांधी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई विपक्षी पार्टियों की बैठक में यह फैसला लिया गया। बाद में सोनिया ने ऐलान किया कि 18 पार्टियों ने गांधी को उपराष्ट्रपति कैंडिडेट बनाए जाने पर रजामंदी दी है।

गोपालकृष्ण गांधी का जन्‍म 22 अप्रैल 1945 को हुआ जो देवदास गांधी और लक्ष्‍मी गांधी के पुत्र हैं। सी राजगोपालचारी उनके नाना थे। गोपालकृष्‍ण गांधी और उनकी पत्‍नी तारा गांधी की दो पुत्री है।

गोपालकृष्ण गांधी ने सेंट स्‍टीफेंस कॉलेज से अंग्रेजी साहित्‍य में एमए की डिग्री हासिल की और 1968 से 1992 तक एक आइएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवा दी। गांधी स्वेच्छा से सेवानिवृत्त हुए। बतौर आइएस अधिकारी उन्‍होंने तमिलनाडु में अपनी सेवा दी।

गोपालकृष्ण गांधी 1985 से 1987 तक उपराष्‍ट्रपति के सेक्रेटरी रह चुके हैं। वहीं 1987 से 1992 तक वे राष्‍ट्रपति के ज्‍वाइंट सेक्रेटरी और 1997 में राष्‍ट्रपति के सेक्रेटरी के पद पर भी रहे। गोपालकृष्‍ण गांधी ने ब्रिटेन में भारत के उच्‍चायोग में सांस्‍कृतिक मंत्री और लंदन में नेहरू सेंटर के डायरेक्‍टर के तौर पर भी अपनी सेवाएं दीं।

वह दक्षिण अफ्रीका के एक अत्‍यधिक लोकप्रिय उच्‍चायुक्‍त भी रह चुके हैं, जहां 1996 में उन्‍हें नियुक्‍त किया गया था। लेसोथो में भी गोपालकृष्‍ण गांधी ने भारत के उच्‍चायुक्‍त के तौर पर सेवा दीं। बाद में उन्‍हें 2000 में श्रीलंका में भारत का उच्‍चायुक्‍त और 2002 में नार्वे में भारत का राजदूत नियुक्‍त किया गया। आइसलैंड में भी वे भारत के राजदूत के पद पर रह चुके हैं।

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2004 से 2009 तक गोपालकृष्‍ण गांधी पश्चिम बंगाल के राज्‍यपाल के पद पर रहे। गोपालकृष्‍ण गांधी ने विक्रम सेठ के ‘अ सुटेबल ब्‍वॉय’ का हिंदी में अनुवाद किया है। यही नहीं उन्होंने श्रीलंका के तमिल वृक्षारोपण कर्मचारियों पर एक उपन्‍यास भी लिखा है।

जेडीयू भी मीटिंग में शामिल
विपक्षी मीटिंग की एक खास बात यह भी रही कि इसमें जेडीयू भी शामिल हुआ। राष्ट्रपति उम्मीदवार पर जेडीयू ने कोविंद को समर्थन देकर अलग राह चुनी है। पार्टी की ओर से शरद यादव मीटिंग में मौजूद रहे। बैठक में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, सीपीएम लीडर सीताराम येचुरी, नैशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, एसपी नेता नरेश अग्रवाल, बीएसपी लीडर सतीश मिश्रा भी मौजूद थे। बता दें कि अगर उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में एकराय नहीं बनी तो 5 अगस्त को चुनाव होंगे। वोटों की गिनती उसी शाम होगी।

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