पीएम मोदी ने उजड़ने से बचा लिया बिहार के इस परिवार को …जानिए

प्रधानमंत्री जी! 23 वर्ष की हो चुकी हूं मैं। दो बार शादी भी ठीक हुई, लेकिन हाथ तंग होने के चलते कट गयी। पिताजी फल का व्यवसाय करते थे, आठ लाख रुपये लोन लेकर कृषि समिति में दुकान भी खोल रखी थी, लेकिन अचानक चुनाव को लेकर फल की दुकान सील कर दी गयी।

पिताजी का व्यवसाय छूट गया। किसी तरह पैसे का इंतजाम कर पिताजी ने दो किस्तों में सात लाख 99 हजार रुपये जमा किये। इसके बाद भी बैंक ब्याज के आठ लाख रुपये बकाये को लेकर हमारा मकान नीलाम हो रहा है। तीन छोटी बहनें हैं। एक दिव्यांग है।

हम सभी सड़क पर आ जायेंगे। यह मार्मिक पत्र है बिहार के बेतिया शहर की पुरानी गुदरी के लालबाबू साह की बिटिया चांदनी कुमारी की, जिसने बीते साल प्रधानमंत्री को यह पत्र लिखा था।

पत्र मिलने के बाद पीएमओ कार्यालय ने इसका संज्ञान लिया। मामले में डीएम को पत्र लिख पहल करने का निर्देश दिया गया। मामला जिला प्रशासन के पास आने के बाद डीएम ने इसे लोक शिकायत निवारण में हस्तानांतरित किया। मामला लोक शिकायत में आने के बाद बैंक व परिवादकर्ता चादंनी कुमारी को सुनवाई में आने की नोटिस जारी की गयी।

पीएमओ से आये आवेदन पर मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को नोटिस कर बुलाया गया था। सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से लोन की रकम में ब्याज के 7 लाख 87 हजार 276 रुपये माफ कर खाता बंद करने का प्रतिवेदन दिया गया। इसका आदेश जारी कर दिया गया है।
– जयशंकर मंडल, डीपीजीआरओ

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