आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) ने की जेल भरो आंदोलन की घोषणा 

मधुबनी: बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) के तत्वाधान में विभिन्न मांगों को लेकर 10 अप्रैल से जिला मुख्यालय में आहुत होनेवाला आंदोलन की तैयारी यूद्धस्तर पर की जा रही है। मधुबनी जिला महासचिव शबनम झा ने प्रेस बयान जारी करते हुए सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को 10 अप्रैल को जिले में प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन व 20 अप्रैल को पटना में प्रस्तावित विधानसभा सचिवालय घेराव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि 24 मार्च से सेविका और सहायिका प्रखंड परियोजना से लेकर जिला मुख्यालय तक धरना प्रदर्शन कर चुकी है।

बावजूद केंद्र व राज्य सरकार की कुंभकरणी निंद्रा नही भंग हो सकी है। सरकार की निंद्रा भंग करने के लिए जेल भरो आंदोलन के साथ ही अब आर पार की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र संचालन करने के एवज में सेविका और सहायिकाओं को जो मानदेय दिया जा रहा है, वह न्यूनतम मजदूरी दर से काफी कम है।

एक तरफ सरकार जहां महिला सशक्तिकरण की बात कहती है, वहीं दूसरी ओर सेविका और सहायिकाओं का शोषण कर रही है। सेविकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, कम से कम 18 हजार का मासिक मानदेय दिये जाने, महिला पर्यवेक्षिका के पद पर परियोजना में कार्यरत सेविकाओं और सेविकाओं के पद पर सहायिकाओं को सीधी नियुक्त किये जाने, लंबित नियमितिकरण को शीघ्र लागू करने, 45 वें श्रम सममेलन की सिफारिशों को लागू करने, गारंटीशुदा पेंशन देने व ग्रेज्यूटी लाभ समेत अन्य मांगों को लेकर चरणबद्ध हड़ताल, धरना व प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं उन्होंने कहा कि इतने पर भी सरकार अगर नही मानी तो हम सभी सेविका और सहायिकायें 20 अप्रैल को अपनी मांगों के समर्थन में विधानसभा सचिवालय का घेराव कर अपनाआक्रोश दिखाएंगे।

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रिपोर्ट: चंदन कुमार 

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