कुदरत का कहर: चारो तरफ पानी ही पानी

महेंद्र प्रसाद, सहरसा
कोसी क्षेत्र के सहरसा जिले के सिमरी बख़्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र के तीनों प्रखंडों में दो दिनों से पानी कमी के बाद लाखो लोग बाढ़ से प्रभावित है। अब लोगो के समक्ष खासकर गरीब, दलित के समक्ष खाने एवं दबा की काफी जरूरत है।

रविवार को पूर्व जिप उपाध्यक्ष रितेश रंजन, जिला परिषद सदस्य एवं नगर पंचायत अध्यक्षा रोशन आरा ने कोसी तटबन्ध के अंदर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। हालांकि बाढ़ पीड़ितों में जवर्दस्त आक्रोश था।

बाढ़ पोडितो का कहना था कि हमलोगों को किसी भी तरह से अभी तक कोई लाभ नही मिला है। मवेशियों के चारा बनी मुसीबत-वर्तमान समय मे लोगो की मुसीबत कम होने का नाम नही हो रहा है।लोगो के बाद मबेशी कि चारा का काफी कठिनाई है।

कई लोगो ने बताया कि एक आधारकार्ड पर ढाई किलो चारा देता है। इस अनुमंडल के तीनों प्रखंडों क्रमश: सिमरी बख्तियारपुर,सलखुआ एवं बनमा-ईटहरी के कुल 24 पंचायतों के 1 लाख 34 हजार की आबादी बाढ़ से है प्रभावित वही 6 बाढ़ राहत शिविरों में प्रशासन ने 5 हजार 1 सौ 93 लोगों को रखा गया है जिन्हें सरकारी सुविधा के साथ खाना उपल्बध करा रही हैं। वही बाढ़ पीड़ीतों के बीच 70 नावों का किया जा रहा परिचालन किया जा रहा हैं।

सरकारी आकड़ो को देखे तो सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में 31 गाँवो के लगभग 35 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित है परंतु आश्चर्यजनक यह है कि दो कैम्पों में विस्थापितों की संख्या मात्र 2534 है। यहां की 6 पंचायतों को आंशिक व 4 पंचायतों को पूर्ण बाढ़ प्रभावित बताया गया है। वही सलखुआ प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गांव की संख्या 38 है और वही बाढ़ प्रभावित लोगो का आंकड़ा 71 हजार है जिसमे दो कैम्पों में विस्थापित लोगो की संख्या मात्र 1466 है। इस प्रखंड के कुल 11 पंचायत आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित वही 3 पंचायत पूर्ण रूप से बाढ़ प्रभावित हैं। यहां 70 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है।

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वही बनमा में प्रभावित गाँवो की संख्या 16 है और प्रभावित लोग 28 हजार है लेकिन कैम्प में विस्थापित मात्र 1193 है। यहां की कुछ 7 पंचायतों में 5 पंचायत आंशिक तो मात्र दो पंचायत पूर्ण रूप से बाढ़ प्रभावित हैं। सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ और बनमा में दो – दो बाढ़ राहत कैम्प चल रहे है। प्रशासन की ओर से बाढ़पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे नाव की तो प्रशासनिक आकड़ो के मुताबिक सिमरी में एक सरकारी और छब्बीस निजी, सलखुआ में एक सरकारी और चालीस निजी, बनमा में चार निजी नाव चलाये जा रहे।

क्या कहते है एसडीओ– एसडीओ सुमन प्रसाद साह ने बताया कि बाढ़ का पानी तेजी से घट रहा है। तीन राहत शिविर जिसमे बेलवारा में दो एवं बनमा के मध्य विद्यालय सुगमा के राहत शिविर को बंद कर दिया जाएगा। अधिकांस बाढ़ पीड़ित घर को लौटने लगा है। जहाँ जहाँ भी पीड़ित परिवार है, हर संभव राहत पहुचाने का कार्य किया जा रहा है।

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