11वे दिन अनशन: जिला प्रशासन सोये कुम्भकर्णी नींद, एक भी अनशनकारी मरा तो होगी मुश्किल

  • ​राज्य सरकार के लिये डेंगराही अनशन कहीं बन ना जाये भारी टेंशन
  • ढ़ेड दर्जन से अधिक अनशनकारी की उम्र 50 से 85 वर्ष के करीब

डेंगराही सलखुआ सहरसा से महेंद्र प्रसाद की रिपोर्ट

अनुमंडल क्षेत्र के सलखुआ प्रखंड के चानन पंचायत स्थित कोशी नदी की कछार पर अवस्थित डेंगराही घाट पर पुल निर्माण को लेकर पिछले दस दिनों से चल रही आमरण अनशन व धरना प्रर्दशन स्थानिय प्रशासन सहित राज्य सरकार के लिये मुशीबत ना बन जायें।क्योकि इस अनशन व धरना में करीब ढ़ेड दर्जन महिला व पुरूष ऐसे लोग शामिल है जिनकी उम्र करीब 50 वर्ष से लेकर 85 वर्ष के करीब है। जिनमें करीब 6 अनशनकारी करीब एक सप्ताह से अनशन पर बैठे है।इन्ही 6 में से एक अनशनकारी नागेश्वर चौधरी की हालत नाजूक होने पर शनिवार को खगड़िया लोकसभा सांसद चौधरी महबूब अली कैसर के विशेष पहल पर सिमरी बख्तियारपुर एसडीओ,डीएसपी के द्वारा अनशन स्थल से बेहतर ईलाज के लिये सहरसा लाया जा सका था। ऐसे में अगर देवेन्द्र दास 70 वर्ष,जगदीश प्रसाद सिह 65,रामबहादुर दास 65,मूसो दास 65 की हालत बिगड़ी तो इन लोगों को बेहतर ईलाज के लिये अनशन स्थल से निकाल कर लाना असंभव नजर आ रहा है वही इन लोगों की हालत दिन ब दिन नाजूक होती दिख रही है।हलांकि स्थानिय अस्पताल से प्रतिनियुक्त डाक्टरों के द्वारा इन लोगों को स्लाईन चढा़या जा रहा है । वही सोमवार से महिलाओं की टोली भी अनशन में शामिल होने लगी है।सोमवार को करीब 30 की संख्या में महिलाऐं अनशन में शामिल हो गई इन महिलाओं में करीब एक दर्जन महिलाओं की उम्र करीब 50 से 80 वर्ष के बीच है।जिनमें सबसे अधिक उम्र सिधिया देवी पति सुधीर यादव,फूलो देवी पति सुमन यादव,सुमा देवी पति सुरेश मिस्त्री है इन लोगों की उम्र करीब 80 वर्ष के करीब है।वही रशमा देवी,पानो देवी,जानकी देवी,रामपरी देवी,धुरना देवी आदि भी 50 बसंत को पार कर चुकी है ऐसे में उपरोक्त किसी भी अनशनकारी की हालत नाजूक हुई तो उसे बेहतर चिकित्सा के लिये अनशन स्थल से निकालना किसी भी पदाधिकारी के लिये टेढ़ी खीर का काम होगा।

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अनुमंडल प्रशासन के द्वारा दस दिनों में मात्र दो दिन ही अनशनकारीयों से वार्ता कर अनशन समाप्ति की पहल की है जो कि असफल साबित हुआ है । उसके बाद अनुमंडल प्रशासन ने तिबारा पहल नही दिखाया है। वही दिन प्रति दिन अनशनकारीयों की संख्या में ईजाफा हो रहा जिनमें महिलाओं की संख्या आधिक देखने को मिल रही है। वही पूर्व जिप उपाध्यक्ष रितेश रंजन व पूर्व जिप सदस्य प्रवीण आनंद के अनशन में शामिल हो जानें से यह अनशन लंबा चलने की संभावना देखी जा रही है। पहले तो एक अनशनकारी बाबू लाल सोर्य से प्रशासन को निपटना था अब तो तीन बाबू लाल सोर्य की तरह अनशन में शामिल हो गया जिनमें अनशन बाबा के नाम से मसहूर प्रवीण आनंद भी है ।ऐसे में डेंगराही अनशन कहीं सरकार के लिये टेंशन ना बन जाय कोई बड़ी बात नही होगी।

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