बढती अर्थव्यवस्था लेकर आ रही कॉमर्स में अपार संभावनाएं

सीए गुरुकुल बिहार पृष्ठभूमि के छात्रों को दे रहा है सुनहरा अवसर

संस्थान की ओर से शुरू किए गये है शार्ट टर्म जॉब ओरिएंटेड कोर्सेज़

पटना/मधुबनी: आज भारत विश्व में एक बड़े बाजार के रूप में दिन प्रतिदिन व्यावसायिक रूप से समृद्ध हो रहा है। साथ ही यहां की अर्थव्यवस्था बहुत तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। ऐसे में बाजार में कॉमर्स के प्रोफेशनल्स की भारी जरुरत है। भारत सरकार के वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के अधिकृत वेबसाइट पर वर्ल्ड बैंक द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार एकाउंटिंग व टैक्सेशन सेक्टर का व्यापार 2022 तक बढ़कर 618 बिलियन यूएस डॉलर का हो जाएगा। जाहिर है इसके लिए भारी मात्रा में ट्रेंड कॉमर्स प्रोफेशनल्स की आवश्यकता होगी। साथ ही बाजार को नियंत्रित करने के लिए कड़े होते जा रहे नियमों व विभिन्न रेगुलेटरी बॉडी द्वारा तय किए जा रहे मानकों के अनुरूप कार्य करने के लिए भी स्किल्ड प्रोफेशनल्स की ही जरुरत है। जबकि बिहार के यूनिवर्सिटीज व प्रमुख शिक्षण संस्थानों के कॉमर्स स्ट्रीम के जो कोर्सेज चलाए जा रहे है। वो उद्योग व बाजार की जरूरतों के अनुरूप पेशेवर तैयार करने में असमर्थ है। उक्त बातें सीए पटना गुरुकुल के संस्थापक सह निदेशक दीपेश कुमार ने प्रेस बयान जारी कर कही।देश के अन्य प्रदेशों की अपेक्षा बिहार में इस तरह की प्रेक्टिकल बेस्ड एजुकेशन सिस्टम के अभाव पर खेद प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि बस यही कारण है कि जिसके चलते बिहार में ट्रेंड प्रोफेशनल्स तैयार नहीं हो पाते है। यही धारणा हमारे बच्चों को जॉब ओरिएंटेड शिक्षा के लिए राज्य से बाहर अन्य प्रदेशों में जाने को मजबूर करती है। उदाहरण के लिए बिहार के अग्रणी शिक्षण संस्थान पटना यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम को ही देखें तो ये क्लासरूम बेस्ड है। प्रैक्टिकल एप्रोच से दूरी बनाये रखने के कारण यहां से अच्छे नंबरों से स्नातक की डिग्री पूर्ण करने के बाद भी छात्र तकनीकी रूप से इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप तैयार नहीं हो पाते है। हालत यह है कि 12वीं से स्नातक तक 5 साल कॉमर्स पढने के बाद भी यहां के छात्र व्यावसायिक जरुरत के हिसाब से सही से पांच काम भी नहीं सीख पाते है। इस स्थिति में यहां के कॉमर्स ग्रेजुएट का प्लेसमेंट किसी अच्छे कॉर्पोरेट हाउस में होना कितना मुश्किल से इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इन्हीं समस्याओं को देखते हुए उन्होंने सीए गुरुकुल का रुख बिहार की ओर मोड़ा और अब बिहार के बच्चों को मार्केट के अनुरूप ट्रेंड करने की उनकी मुहीम पटरी पर सरपट दौड़ रही है। बारहवीं के बाद कॉमर्स के क्षेत्र में छात्र-छात्रों के लिए मौजूद अपार संभावनाओं में सीएफएम, जीएसटी प्रोफेशनल्स, सीएमए जैसे कोर्स हैं जो कम समय में पेशेवर योग्यता व दक्षता के साथ रोजगार के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराते है। विदित हो कि राजधानी नयी दिल्ली बेस्ड देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में शुमार सीए गुरुकुल में पढ़कर प्रोफेशनल स्टडीज यथा- सीए, सीएस, सीएमए जैसे कोर्सेज में अब तक हजारों छात्रों को सफलता मिल चुकी है। इसलिए मिथिला के युवाओं को एक प्लेटफॉर्म दिए जाने की मुहीम चलाई जा रही है।

पढ़े :   IIT पटना देश के टॉप 100 शिक्षण संस्थानों में शामिल

Chandan Kumar

Student/Social Activist/Blogger/News Writer

Leave a Reply

error: Content is protected !!