पद्मभूषण सम्मान से अलंकृत हुए बिहार योग विद्यालय के परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती

भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी काे घोषणा किया गया था कि मुंगेर के याेग विश्वविद्यालय के स्वामी निरंजनानंद सरस्वती काे पद्मभूषण से नवाजा जाएगा। लेकिन विगत 14 जनवरी से ही स्वामी निरंजनानंद सरस्वती पूर्व संकल्पित के कारण 14 जून तक पंचाग्नि साधना में हैं। जिसके कारण स्वामी निरंजनानंद सरस्वती राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में शामिल नहीं हो सके। जिसके बाद राष्ट्रपति सचिवालय से जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि मुंगेर में ही स्वामी जी काे सम्मानित किया जाए।

राष्ट्रपति सचिवालय से निर्देश आने के बाद रविवार को मुंगेर याेग पीठ में आयोजित एक सादे समारोह में जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह ने स्वामी जी को पद्मभूषण सम्मान से अलंकृत किया।

इस दौरान जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी निरंजनानंद सरस्वती को भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है। साथ ही कहा कि स्वामी जी व्यस्तता के कारण नहीं जा सके। जिसके बाद राष्ट्रपति सचिवालय से आदेश आैर पद्मभूषण भेजा गया था। जिसके बाद उन्हें सम्मानित किया गया है। सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा की योग के क्षेत्र उन्होंने उत्कृष्ट कार्य कर के मुंगेर की एक अलग पहचान बनाया है।

उधर स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने केंद्र और राज्य सरकार को आभार व्यक्त करते हुए कहा की हमें जो पद्मभूषण सम्मान मिला है। में अपने ही नगर और राज्य को यह समर्पित करता हूं। स्वामी जी ने कहा में इस सम्मान काे अपने गुरु स्वामी सत्यानंद सरस्वती और मुंगेर की जनता के साथ साथ बिहार की जनता को समर्पित है। साथ ही कहा कि 1930 में स्वामी शिवानंद जी ने योग कार्य और योग विधा का प्रचार किया उसके बाद स्वामी सत्यानंद जी अपने गरु शिवानंद के कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य किया। उसके बाद में उनके कार्यों काे आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा हूं।

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