पटना नाव हादसा : क्या नीतीश सरकार इस मातम की दोषी है? … जानिए

बिहार की राजधानी पटना इसी महीने के पहले हफ्ते में एक ऐसे भव्य उत्सव का गवाह बना था, जिसमें दूसरे राज्यों के भी लाखों लोग शरीक हुए थे। इंतजाम इतने शानदार, कि पंजाब और दिल्ली के मुख्यमंत्री ही नहीं, प्रधानमंत्री भी इसकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं सके। ऐसे में यह सवाल बड़ा है कि आखिर क्यों चंद दिन बाद ही पर्यटन विभाग के इंतजाम क्यों फेल हो गये? शनिवार को मकर संक्रांति पर गांधी घाट के सामने गंगा दियारे में पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित पतंग उत्सव में सिर्फ हजारों लोगों की मौजूदगी को क्यों नहीं संभाल सका?

दोनों आयोजनों के बीच कोई अंतर नहीं था, दोनों आयोजन से संबंधित तैयारियां की निगरानी खुद पर्यटन विभाग का था। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि वही पर्यटन विभाग जो प्रकाशोत्सव का भव्य आयोजन किया था, वही पर्यटन विभाग पतंग उत्सव के आयोजन में क्यों फेल हो गया?

दियारा जाने के लिए क्रूज की मुफ्त सवारी का पर्यटन विभाग का आमंत्रण पढ़ कर हजारों लोग गंगा के उस पार पहुंच गये। शाम होने पर लौटने के लिए लोगों का हुजूम नावों पर उमड़ पड़ा। नावों पर क्षमता से तीन गुने तक लोग सवार हो गये। यदि व्यवस्था नहीं था, तो क्यों पर्यटन विभाग ने लोगो को आमंत्रण दे कर बुलाया और शाम के वक्त लोगों को सुरक्षित वापस लाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किया?

सरकार ने जांच का आदेश दिया है, परंतु आश्चर्य ये है जांच जिनको करना है वो खुद भी दोषी है। मतलब साफ़ है जो लोग दोषी है उन्हें सरकार बचा रही है।

पढ़े :   नीतीश कैबिनेट के फैसले: पटना में AMITY तो इस शहर में खुलेगा IIT, ...जानिए

तो क्यों ना मैं कहूँ कि नीतीश सरकार दोषी है? जब प्रशंशा की बारी आयी तो सरकार और यदि गरबड़ी हो तो कोई और क्यों?

Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

Leave a Reply

error: Content is protected !!