बिहार: हर जिले के पांच-पांच हाई स्कूल मॉडल के रूप में होंगे विकसित, …जानिए

बिहार के हर जिले में पांच-पांच हाइ स्कूलों को राज्य सरकार मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने जा रही है। इन स्कूलों की आधारभूरत संरचना को बेहतर करने के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में शिक्षक, प्रयोगशाला, बेंच-डेस्क, क्लास रूप में व्यवस्था की जायेगी।

इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से पांच-पांच स्कूलों की सूची मांगी है, जिन्हें मॉडल के रूप में विकसित किया जायेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पिछले साल पटना के 10 स्कूलों में इसकी शुरुआत की गयी थी।

पिछले दिनों शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने इन स्कूलों का निरीक्षण किया और उसके बाद इसकी सफलता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के पांच-पांच स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने का फैसला किया है।

चयनित स्कूलों के बच्चों को आधुनिक तरीके से भी शिक्षा दी जायेगी। स्कूलों को कंप्यूटर से सुसज्जित किया जायेगा और इंटरनेट की कनेक्टिविटी भी स्कूलों में होगी। बच्चों को ऑनलाइन तरीके भी पढ़ाई जायेगी। बच्चे स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे।

इन मॉडल स्कूलों में बच्चों के संख्या के अनुपात में राष्ट्रीय औसत के आधार पर शिक्षक होंगे। आ‌वश्यकता पड़ने पर बाहर से भी विषयों के विशेषज्ञों को इस काम में लगाया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने जिलों से 30 सितंबर तक स्कूलों की सूची देने का निर्देश दिया है। जिलों से रिपोर्ट आने के बाद स्कूलों को सारे संसाधन उपलब्ध कराये जायेंगे।

इसके साथ हीं राज्य के सभी प्रारंभिक स्कूलों में कैबिनेट का गठन किया जायेगा। यह कैबिनेट पढ़ाई के साथ-साथ स्कूलों की साफ-सफाई, बागवानी और खेल-कूद में मॉनीटरिंग करेगा। इसमें प्रधानमंत्री से लेकर मंत्रियों के पद बांटे जायेंगे, जो अपने विभाग के अनुसार काम करेंगे।

राज्य सरकार ने सभी स्कूलों को सितंबर तक कैबिनेट गठित करने का निर्देश दिया है। अक्तूबर महीने से स्कूलों में यह कैबिनेट काम करने लगेगा। महात्मा गांधी जिस प्रकार अपना हर काम खुद करते थे, बच्चों को उसी की तर्ज पर काम करने के लिए प्रेरित किया जायेगा।

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स्कूलों में नियमित पढ़ने के साथ-साथ कैसे साफ-सुथरा रहें और अपने आस-पास के क्षेत्रों, स्कूल और घरों को कैसे साफ रखें, इसके बारे में भी बताया जायेगा। बच्चों को क्लास रूम, स्कूल परिसर और खुद प्रयोग करने वाले शौचालय की सफाई करने के लिए प्रेरित किया जायेगा।

स्कूल की कैबिनेट हर दिन अलग-अलग बच्चों को सफाई के लिए लगायेगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो छात्र-छात्राओं में व्यक्तित्व के निखार और सिविक सेंस विकसित करने के लिए स्कूली शिक्षा में इसे जोड़ा जा रहा है।

स्कूलों के शौचालय की सफाई के लिए स्कूल के प्रधानाध्यापक और विद्यालय शिक्षा समिति निर्णय लेगी इसे कैसे साफ रखा जा सके? समिति अपने फंड से बाहर से सफाईकर्मी रख कर भी शौचालय की सफाई करवा सकती है। वहीं, स्कूली बच्चों को शौचालय प्रयोग के बाद उसमें पानी डालने की अच्छी आदतों को डाल सकती है, जिससे शौचालय की सफाई भी बनी रहेगी।

Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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