देश में पहली बार: बिहार के इस रेलवे प्लेटफॉर्म पर पढ़नेवाले स्टूडेंट्स को मिला पहचानपत्र, …जानिए

बिहार की खराब शिक्षा-व्यवस्था के चर्चों के बीच हम आपको एक ऐसी खबर से रूबरू कराएंगे, जो आपके मन में बिहारी छात्रों के प्रति सम्मान को बढ़ा देगी।

बिहार के सासाराम में रेलवे स्टेशन पर रोजाना शाम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र पहुंचते हैं और स्ट्रीट लाइट के नीचे पढ़ाई करते हैं। साथ ही वे ग्रुप डिस्कशन का भी अभ्यास करते हैं। यहां पर यह परंपरा पिछले कई साल से चल रही है।

बिजली संकट को देखते हुए 2007 में शुरू हुई इस कोशिश में अब 500 से अधिक छात्र जुड़ चुके हैं। सासाराम के सुदूरवर्ती इलाके के गरीब और मध्यम वर्ग के वैसे छात्र जो महंगे कोचिंग में नहीं पढ़ सकते वे लोग सासाराम के रेलवे स्टेशन पर ग्रुप डिस्कशन कर अपनी पढ़ाई करते हैं। वे देश के विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं मे अपनी सफलता का झंडा भी गाड़ रहे हैं।

इस बीच, सोमवार को इंडियन रेलवे के इतिहास में पहली बार हुआ है कि विभाग ने अपने कर्मचारियों व अधिकारियों से इतर रेलवे स्टेशन पर ग्रुप डिस्कशन करने वाले सासाराम के पांच सौ छात्रों को परिचय पत्र निर्गत किया। यह परिचय पत्र उन छात्रों को इसलिए दिया गया, ताकि वे बिना व्यवधान के स्टेशन परिसर में रात को जलने वाले स्टैंड लाइट के नीचे बैठकर पढ़ाई कर सकें। ग्रुप डिस्कशन का हिस्सा बनें।

रेल एसपी जितेंद्र मिश्रा की ओर से सोमवार देर शाम इन छात्रों के बीच में जाकर यह परिचय पत्र दिया गया। छात्रों की संख्या पांच सौ से ज्यादा थी। उनकी संख्या के आगे विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आईडी कम पड़ गए। तब रेल एसपी ने बाकी के छात्रों को आश्वासन दिया कि दूसरे चरण में बचे हुए छात्रों को आईडी उपलब्ध करा दिया जाएगा।

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एसपी जितेन्द्र मिश्रा (रेलवे) ने कहा कि परिचय पत्र देने से बच्चों को सहूलियत होगी और स्टेशन पर होने वाले विभिन्न वारदात और घटना में छात्रों की मदद भी ली जाएगी।

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