भारत में अब एक देश-एक टैक्स, संसद के ऐतिहासिक सत्र में GST लॉन्च

नई दिल्ली. देश के अब तक के सबसे बड़े कर सुधार की लॉन्चिंग का ऐतिहासिक मौका शुक्रवार को आधी रात को आ गया। रात के ठीक 12 बजते ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने घंटा बजाकर पूरे देश में एक टैक्स व्यवस्था की शुरुआत की। इस लॉन्चिंग के साथ ही देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू हो गई। जीएसटी लागू होने के मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।

तारों से सजी इस रात में ऐतिहासिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि ऐतिहासिक क्षण दिसंबर, 2002 में शुरू हुई लंबी यात्रा की परिणति है। प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी को देश भर के तमाम राज्यों की सरकारों के बीच सहमति और देश हित के लिए सबके साथ आने का प्रतीक करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘यह एक लंबी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस पर सालोंसाल चर्चा हुई है। मौजूदा और पूर्व के सांसदों ने इस पर लगातार बात की है। इस सतत प्रयास का ही परिणाम है कि हम आज जीएसटी को साकार होते देख रहे हैं। जब संविधान बना तो देश के लिए समान अधिकार और समान अवसर की व्यवस्था खड़ी हुई। आज जीएसटी एक तरह से सभी राज्यों के मोतियों को एक धागे में पिरोने का काम कर रहा है।’

वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने इस टैक्स रिफॉर्म का क्रेडिट सभी को दिया। उन्होंने कहा, ”GST किसी एक दल की उपलब्धि नहीं है। यह सांझी विरासत है। ये भी संयोग है कि गीता के 18 अध्याय थे और जीएसटी के लिए भी उसकी काउंसिल की 18 बैठकें हुईं।”

पढ़े :   बिहार के इस लाल को मिलेगा पुलिस गैलेंट्री पदक

बता दें कि आजाद भारत के इतिहास में यह चौथा मौका रहा जब सेंट्रल हॉल में मिडनाइट सेशन बुलाया गया। इससे पहले भी तीनों मौकों पर आधी रात को संसद बुलाई गई थी, लेकिन वह आजादी के जश्न के लिए थी। 70 साल में ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी टैक्स रिफॉर्म के लिए आधी रात को संसद सत्र चला।

Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

Leave a Reply

error: Content is protected !!