अब यात्रियों के नींद में खलल नहीं, TTE ट्रेन में सोए हुए यात्रियों से नहीं मांगने आएंगे टिकट

भारतीय रेल वर्ष 2010 में बने अपने एक नियम को सख्ती से लागू करने जा रही है। यह नियम यात्रियों के पक्ष में है। इससे यात्रियों की सुविधा बढ़ जायेगी। जानकारी के मुताबिक रेलवे ने इस सुविधा से संबंधित पत्र और आदेश सभी जोन को भेज दिया है। अब रिजर्व टिकट के यात्रियों को रात दस बजे से लेकर सुबह के छह बजे तक जगाया नहीं जायेगा। उनका टिकट इस दौरान चेक नहीं किया जायेगा।

रात्रि ट्रेनों में ड्यूटी शुरू करने वाले टिकट निरीक्षक कोच में पहले से सो रहे यात्रियों से भी सीटों की जांच के लिए उन्हें जगाकर टिकट मांगते थे। काफी यात्रियों ने नींद में जगाने पर आपत्ति जताई थी। यात्रियों की शिकायत पर रेलवे ने इसका आदेश जारी कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि टिकट चेकिंग स्टॉफ आरक्षित डिब्बों में सफर कर रहे रेल यात्रियों के टिकट को सुबह छह बजे से लेकर रात के दस बजे तक ही चेक कर सकते हैं। यानि अब यात्रियों को निंद से जगाकर टिकट नहीं चेक किया जा सकता।

संदेह होने पर विजिलेंस व आरपीएफ के अधिकारी कर सकते हैं जांच
हालांकि रेलवे प्रशासन के अनुसार संदेह होने पर विजिलेंस और आरपीएफ के अधिकारी रात को भी किसी भी आरक्षित श्रेणी के कोच में यात्रियों की टिकट और सामान की जांच कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 से यह व्यवस्था लागू है। लेकिन, इसका पालन नहीं होता था। रेलवे बोर्ड के नए आदेश से यात्रियों को मानिसक शांति मिलेगी।

टिकट प्लीज फिर होगी स्टेशन परिसर में एंट्री
रेलवे ने आरपीएफ को स्टेशन परिसर के अंदर आने वाले यात्रियों की टिकट चेकिंग का अधिकार दे दिया है। स्टेशन के मेन गेट पर तैनात आरपीएफ जवान द्वारा टिकट प्लीज बोलने पर यात्री को अपना टिकट दिखाना होगा। वरना उसे स्टेशन परिसर में एंट्री नहीं दी जाएगी।

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वर्तमान में स्टेशन पर टिकट चेक की व्यवस्था नहीं
वर्तमान में रेलवे स्टेशन पर एंट्री के समय टिकट चेक करने की कोई व्यवस्था नहीं है। सिर्फ परिसर के अंदर या निकासी गेट पर टिकट चेकिंग होती है। अब प्रवेश गेट पर टिकट चेक होने की व्यवस्था शुरू किए जाने से स्टेशन पर अवैध लोगों की एंट्री रुक जाएगी।

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