बजट में कई बड़े ऐलान: 3 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री, क्या सस्ता और क्या महंगा, क्लिक कर जानें

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में बजट 2017-18 पेश किया। यह पहला मौका है जब आम बजट में ही रेल बजट भी शामिल है। पहली बार, केन्द्रीय बजट के साथ सभी मंत्रालयों एवं विभागों को शामिल करते हुए समेकित परिणाम बजट पेश किया गया।

इसे किसान, रूरल डेवलपमेंट, यूथ्स, गरीबों के लिए मकान और डिजिटल इकोनॉमी जैसे 10 हिस्सों में बांटा गया है।

बजट को 10 हिस्सों में बांटा
1. किसानों की इनकम पांच साल में दोगुना करने का लक्ष्य।
2. रूरल डेवलपमेंट में इन्फ्रास्ट्रक्चर।
3. यूथ्स को जॉब्स।
4. गरीबों के लिए मकान।
5. सोशल सिक्युरिटी बढ़ाना।
6. क्वालिटी ऑफ लाइफ के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर।
7. डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देना।
8. पब्लिक सर्विस में लोगों की भागीदारी बढ़ाना।
9. ऐसा मैनेजमेंट जिससे रिसोर्सेस मोबाइल हो।
10. ईमानदार का सम्मान हो।

सरकार ने आम आदमी के लिए इनकम टैक्स में राहत देते हुए 3 लाख रुपए तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है। वहीं, तीन नए रिफॉर्म प्रपोज्ड किए हैं।

पहला- पॉलिटिकल पार्टियां 2000 रुपए से ज्यादा का चंदा कैश में नहीं ले सकेंगी।
दूसरा- अब बैंकों का पैसा लेकर देश से बाहर भागने वाले डिफॉल्टर्स की संपत्तियों को जब्त करने के लिए सख्त कानून लाया जाएगा।
तीसरा- 3 लाख रुपए से ज्यादा के कैश ट्रांजेक्शन पर रोक लगाई जाएगी।

बजट की बड़ी बातें….
#2019 तक 1 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
#अब पोस्ट ऑफिस से भी बन सकेंगे पासपोर्ट।
#नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनेगी जो हायर एजुकेशन के लिए सभी बड़ी एंट्रेंस एग्जाम्स कराएगी। इससे सीबीएसई जैसी संस्थाएं एकेडमिक्स पर फोकस कर पाएंगी।
#झारखंड और गुजरात में दो नए एम्स बनाए जाएंगे।
#IRCTC से टिकट बुक कराने पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा।
#3.5 करोड़ यूथ्स को मार्केट बेस्ड ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए संकल्प स्कीम्स का एलान किया। इस काम के लिए सरकार ने 4000 करोड़ रुपए अलॉट किए हैं।
#वुमन और चाइल्ड वेलफेयर के लिए 1.84 लाख करोड़ रुपए का प्रोविजन।
#किसानों का 60 दिन का ब्याज माफ होगा। 40 फीसदी किसानों को कोऑपरेटिव सोसायटीज से क्रेडिट मिलेगा। फसल बीमा योजना में कवरेज को 40% बढ़ाया गया है।
#एक लाख 50 हजार ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड ब्रॉड बैंड सर्विस प्रोवाइड की जाएगी। भारत नेट प्रोजेक्ट के लिए 10 हजार करोड़ रुपए अलॉट किए गए।
#सीनियर सिटिजन के लिए आधार बेस्ड स्मार्ट कार्ड बनेंगे जो उनकी सेहत का रिकॉर्ड रखेंगे।

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हर बार की तरह इस बार भी बजट के बाद कुछ चीजें महंगी हुई और कुछ चीजें सस्ती हुईं है। आइए जानें कि इस बार बजट में सरकार ने कौन सी चीजें सस्ती की और कौन सी चीजें महंगी। पूरी लिस्ट….

सस्ते हुए सामान :
– आईआरसीटीसी से टिकट बुक कराना
– एलईडी लैंप
– सौर पैनल
– मोबाइल फोन के लिए प्रिंटेड सर्किट बोर्ड
– माइक्रो एटीएम
– फिंगर प्रिंट मशीन
– आइरिस स्कैनर।

महंगे हुए सामान :
– चांदी के सिक्के
– सिगरेट
– तंबाकू
– बीड़ी
– पान मसाला
– पार्सल के जरिए आयातित सामान
– वाटर फिल्टर मेंब्रेन और काजू

जेटली ने शेर भी पढ़ा- घबराकर न थम जाइए आप, जो बात नहीं है, उसे अपनाइए आप
– जेटली ने नोटबंदी और GST जैसे दो बड़े फैसलों के बाद इकोनॉमी को आगे बढ़ाने का जिक्र करते हुए कहा, ”घबराकर न थम जाइए आप, जो बात नहीं है, उसे अपनाइए आप; डरते हैं नई राहों पर क्यों चलने से? हम आगे-आगे चलते हैं, आइए आप।”
– जेटली ने कहा कि गरीबों के लिए मकान, एमएसएमई के लिए राहतें, प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए स्कीम्स जैसी कई राहतों का प्रधानमंत्री ने 31 दिसंबर की अपनी स्पीच में जिक्र किया था। इससे देश के लोगों को राहत मिलेगी।

किस सेक्टर को क्या मिला?
– रक्षा बजट 2,74,114 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है, इसमें पेंशन शामिल नहीं है।
– वर्ष 2017-18 में रेलवे पर कुल पूंजीगत एवं विकास व्यय 1,31,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। इसमें से 55,000 करोड़ रुपये सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
– वर्ष 2016-17 में मनरेगा के अंतर्गत 38,500 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान को वर्ष 2017-18 में बढ़ाकर 48,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
– ग्रामीण, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए वर्ष 2017-18 में 1,87,233 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 24 फीसदी अधिक है।
– बुनियादी अवसंरचना विकास के लिए कुल 3,96,135 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें 2,41,387 करोड़ रुपये रेल, सड़क एवं जहाज़रानी आदि परियोजनाओं पर व्यय किए जाने हैं।
– महिला एवं बाल कल्याण के लिए बजट अनुमान 2016-17 के 1,56,528 करोड़ रुपये की धनराशि को बढ़ाकर बजट 2017-18 में 1,84,632 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है।
– अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए किया जाने वाला आवंटन बजट अनुमान 2016-17 में 38,833 करोड़ रुपये था, जिसे बजट 2017-18 में बढ़ाकर 52,393 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। यह बजट अनुमान 2016-17 की तुलना में करीब 35 फीसदी अधिक है।
– सड़क क्षेत्र के लिए बजट 2017-18 में 64,900 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि बजट अनुमान 2016-17 में यह धनराशि 57,976 करोड़ रुपये थी।
– साल 2017-18 में राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों को कुल 4.11 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि बजट अनुमान 2016-17 में यह 3.60 लाख करोड़ रुपये था।
– प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर 19,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं राज्यों के अंशदान को भी जोड़ दिया जाए तो वर्ष 2017-18 में इस योजना पर कुल मिलाकर 27,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
– प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए 15,000 करोड़ रुपये की धनराशि को बढ़ाकर बजट 2017-18 में 23,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
– औद्योगिक मूल्यवर्धन हेतू कौशल सुदृढ़ीकरण (स्ट्राइव) का अगला चरण वर्ष 2017-18 में 2,200 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया जाएगा।
– वर्ष 2017-18 के अंत तक 1,50,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर पर आधारित तीव्र गति इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि भारत नेट परियोजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव किया गया है।
– सभी मंत्रालयों में महिला कल्याण के लिए विभिन्न स्कीमों के अंतर्गत 113327 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

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आम बजट में सबसे ज्यादा पैसा ग्रामीण विकास मंत्रालय को मिला है। जेटली ने 107758 करोड़ का बजट आवंटित हुआ है। इस बार सबसे कम पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय को दिया गया है। इस मंत्रालय को 2682 करोड़ का बजट आवंटित हुआ है।

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