10 साल की बच्ची स्वछता के लिए बनी रोल मॉडल, हाथ जोड़ गांववालों से करती है ये अपील

बिक्रमगंज (बिहार). 5वीं में पढ़ने वाली रानी (उम्र- 10 साल) एक गांव की दलित बस्ती की सामान्य लड़की है मगर एक माह से वह स्वच्छता अभियान की रोल मॉडल बन गई है। रानी अपनी पंचायत के सभी गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित करवाने और प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने की जिद ठान बैठी है। उसे इस अभियान में अपने स्कूल की टीचर व बच्चों का साथ भी मिल रहा है।

हाथ जोड़कर करती है अपील…
रानी हर सुबह घर-घर जाकर महिलाओं से हाथ जोड़ कर कहती है कि चाची अपने घर में शौचालय बनवा लो, बीमारियां भाग जाएंगी। इस अभियान का असर यह है कि नोनहर पंचायत के 85 फीसदी घरों में शौचालय बन चुका है। यह वही रानी है जिसने पिछले महीने घर में जिद ठानी तो मां ने अपनी पायल बेचकर शौचालय बनवाई।

ये है पूरी कहानी
हुआ ये था कि नोनहर गांव स्थित उसके स्कूल में एक दिन बीडीओ व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आए थे। जागरुकता कार्यक्रम में बच्चों को सफाई का महत्व बताया जा रहा था। रानी ने अफसरों की बातों को गौर से सुना। बाल मन पर उन बातों ने इतना गहरा असर डाला कि रानी घर जाते ही मां-बाप से शौचालय बनवाने की जिद कर बैठी। पिता हरेराम पासवान व मां तारेगना देवी ने गरीबी का हवाला दिया पर रानी कुछ सुनने को तैयार न थी। अपनी पायल लाई और मां से कहा अपनी पायल भी निकालो। इन्हें बेच कर शौचालय बनवाओ। पायल बाद में भी आ जाएगी। बेटी की जिद ने हरेराम को शौचालय बनाने पर विवश कर दिया। रानी की ये कहानी अब नोनहर गांव ही नहीं बल्कि पूरे प्रखंड के लोगों की जुबान पर है।

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सुबह से ही दूसरे बच्चों के साथ अभियान पर निकल पड़ती है
अब यह रानी अपनी पंचायत के पांचों गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित करवाने की जिद ठान बैठी है। उसकी इस जिद को पूरी करवाने में उसे अपनी टीचर पिंकी व स्कूल के बच्चों का भी साथ मिल रहा है। टीचर व बच्चों के साथ रानी सुबह कड़ाके की ठंड में भी घर से निकल जाती है। नोनहर पंचायत के गांवों में ये बच्चे घर-घर जाते हैं। रानी घर की महिलाओं से हाथ जोड़ कर कहती है कि चाची अपने घर में शौचालय बनवा लो। रानी के इस अभियान का असर यह है कि नोनहर पंचायत के 85 फीसदी घरों में शौचालय बन चुका है। शीघ्र ही नोनहर, कोल्हा, अमापोखर, पड़रिया व नीमीयाडीह गांव वाली इस पंचायत को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जाना है।

रानी के अभियान में स्कूल के बच्चे भी आ गए साथ
रानी की टीचर पिंकी का कहना है कि रानी ने अपनी मां व पिता से जिद कर घर में शौचालय बनवाया था। अब स्कूल के दूसरे बच्चे भी उसकी सोच के कायल हो गए हैं। वे भी अब अभियान में रानी का साथ दे रहे हैं। रानी के काम को देख उसे अफसर सम्मानित करने के लिए आए थे।

पंचालय के 85 % लोगों ने घर में शौचालय बनवा लिया
नोनहर पंचायत की मुखिया कुमारी शोभा सिंह का कहना है कि रानी की जिद आज पंचायत के लोगों के लिए सबक बन गई है। पंचायत के 85 प्रतिशत लोगों ने शौचालय बनवा लिया है।

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