6 साल की इस बिहार की बेटी को कंठस्थ है गीता के 700 श्लोक

वेदमंत्रों और ऋचाओं के पाठ में बड़े-बड़े ज्ञानी बगले झांकते हैं लेकिन छह साल की बच्ची अगर इन्हीं वेद मंत्रों का सस्वर पाठ करे तो किसी अचरज से कम नहीं है। केवल वेद मंत्रों का पाठ ही नहीं बल्कि उसके अर्थ भी समझे।

यह मिराकिल गर्ल है बिहार के रोहतास की दनवार की रहनेवाली व डीपीएस की छह साल की छात्रा कृष्णप्रिया। कृष्णप्रिया वैदिक मंत्रों और उपनिषद के मंत्रों का ढाई साल की उम्र से ही उच्चारण कर रही है। गीता, रामचरितमानस के दोहा और चौपाई की विस्तृत व्याख्या करती है और उसका संदर्भ भी बताती है। कृष्णप्रिया की बुद्धि इतनी तीक्ष्ण है कि एक बार जो उसने सुन लिया उसे याद हो जाता है।

पेशे से शिक्षक पिता धर्मेन्द्र कुमार बताते हैं कि वे सुबह में जागकर मंत्रों और श्लोकों का पाठ करते थे। बगल में सोयी नन्हीं जान ने कब इन मंत्रों को सीख लिया उन्हें पता भी नहीं चला। एक दिन घर के आंगन में खेलते-खेलते वह मंत्रों का पाठ करने लगी। पिता सहित घर के सदस्यों ने जब सुना तो आश्चर्य से भर गए।

घर के सदस्यों ने कृष्णप्रिया की मेधा को समझा और इसके बाद उसे बकायदा मंत्रों का अभ्यास कराने लगे। आज पिता अपनी बेटी की प्रतिभा को आकार देने के लिये पटना आ गए हैं और नये सिरे से यहां ट्यूशन शुरू किया है। उनका एक छोटा बेटा भी है जो अभी से बड़ी बहन की राह चल रहा है।

दे चुकी है कई प्रवचन भी
मूलत: रोहतास की दनवार की रहनेवाली कृष्णप्रिया कई बार मंच से प्रवचन भी दे चुकी है। छपरा में रहने के दौरान हनुमान जयंती पर प्रवचन देकर उसने सबको अचरज में डाल दिया था। कृष्णप्रिया मंच पर कई संतों के साथ प्रवचन दे चुकी है।

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गीता के सात सौ श्लोक हैं याद
छह साल की उम्र में कृष्णप्रिया को गीता के 7 सौ श्लोक याद हैं। रसखान की सवैया पढ़ती है तो रामचरितमानस के दोहे का जमकर पाठ करती है। इतना ही नहीं फिजिक्स और केमेस्ट्री के नियम भी अंग्रेजी में फर्राटे में बोलती है।

मोमेंटम, एसिलेरेशन, वेलोसिटी, बल, कार्य, पावर, एनर्जी, प्रकाश आदि से जुड़े नियम कृष्णप्रिया को कंठाग्र हैं। पिता धर्मेंद्र ने बताया कि वे घर पर फिजिक्स का ट्यूशन पढ़ाते हैं। ऐसे में जो वे पढ़ाते थे, वह सबकुछ कृष्णप्रिया सीखती चली गई।

स्कूल की असेंबली में सुनाती है श्लोक
कृष्णप्रिया की प्रतिभा देखकर डीपीएस वर्ल्ड पब्लिक स्कूल ने उसका नामांकन मुफ्त में लिया। स्कूल की निदेशिका नीता चौधरी ने बताया कि बच्ची की प्रतिभा देखकर स्कूल में मुफ्त में नामांकन लिया। बच्ची में संस्कृत भाषा को लेकर गजब का ज्ञान है।

स्कूल के अन्य बच्चों में भी यह ज्ञान बढ़े इस कारण हर दिन असेंबली में कुछ श्लोक सुनाने के लिए कृष्णप्रिया को दिया गया है। कृष्णप्रिया ने बताया कि वह बड़ी होकर आईएएस बनेगी और देश की सेवा करेगी।

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