बिहार के लाल शंभू ने 33 मिनट तक शंख बजाकर बनाया वर्ल्ड रिकार्ड, …जानिए

शंख को शान्ति का प्रतीक माना जाता है। इसे सदैव पूजा पाठ मे प्रयोग किया जाता है, परन्तु क्या आपको पता है की शंख अंतराष्ट्रीय ख्याति का भी एक माध्यम है।

जी हां बिहार के बेगूसराय के एक युवक ने लगातार 33 मिनट तक शंख बजाकर अपना नाम लिम्का बुक आंफ वर्ल्ड रिकार्ड मे दर्ज कराया है। बेगूसराय के साथ-साथ उसने बिहार और देश का नाम भी रोशन किया है।

आर्मी में जवान शंभू कुमार की इस उपलब्धि से इलाके के लोगों का सर फक्र से ऊंचा हो गया है। 2017 मे प्रकाशित लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के पेज नंबर 22 मे बेगूसराय के इस युवक की तस्वीर और उसकी उपलब्धि सिर्फ इस लिए छपी की उसने लगातार 33 मिनट तक शंख बजाकर विश्व रिकार्ड बनाया। इसके पहले यह रिकॉर्ड 10 मिनट का था।

मध्य प्रदेश के होसंगाबाद जिला के पंचगढ़ी में आर्मी ट्रेनिंग सेंटर में सिपाही के पद पर कार्यरत शंभू कुमार की यह उपलब्धि किसी अजुबे से कम नहीं। बचपन से ही शंख बजाने के शौकिन शंभू कुमार की खासियत है की वो लगातार शंख बजा सकते हैं। उसकी इसी खूबी ने एक दिन रंग दिखाया और उसका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड मे दर्ज हो गया।

बचपन में घर में आयोजित एक पूजा समारोह के दौरान पंडित जी के शंख को वो बजाने मे नाकाम रहा बाद में उसने शंख बजाने को ही अपने जूनून बना लिया। आर्मी मे बहाली होने के बाद भी ये जूनून कम नहीं हुआ और वो रोज सुबह चार बजे उठ कर शंख बजाने का अभ्यास करने लगा।

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शंभू की इस कामयाबी से घर वाले फुले नहीं समा रहे हैं। अभी आप शंख के एक पहलु से ही रूबरू हुए हैं, शंख की दूसरी खासियत सुनने के बाद आप भी शंख बजाने लगेंगे। शंख न सिर्फ शांति और पूजा पाठ की वस्तु है बल्कि शंख से अनेक बीमारियों दूर हो जाती हैं। दमा, मोटापा, हकलाहट और इसके जैसी अन्य रोग को भगाने मे भी शंख अचूक दवा है। शंभू शंख बजाकर कई अवार्ड अपने नाम कर चुके हैं।

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