बिहार के इस मंदिर में डस्टबिन की पूजा करने से पूरी होती है मनोकामना, …पढ़ें

बिहार के पूर्णिया जिले में एक ऐसा भी मंदिर है कि यहां पर डस्टबिन की पूजा करने से भक्तों की मनोकामना पुरी होती है। जिसके कारण रोज भक्तों की भीड़ लगती है। मंदिर में देवताओं की मूर्तियों के साथ ही इस डस्टबिन भी भक्त पूजा करते हैं।

क्या है पूरा मामला
यह मामला पूर्णिया जिले के सौर नदी के किनारे स्थिति काली मंदिर का है। मंदिर में आने वाले लोग पहले कही भी कचड़ा फेंक देते थे। जिसके बाद मंदिर परिसर में कचड़ा रखने का फैसला लिया गया। फिर कचड़ा रखने के लिए डस्टबिन रखा गया। डस्टबिन को कंगारू का रूप दिया गया कि दिखने में अच्छा लगाया गया था।

इस के बाद मंदिर में पूजा करने वाले लोग डस्टबिन को भी भगवान का एक रूप मानकर पूजा करने लगे। कोई महिला सिंदूर लगती है तो कोई जल चढ़ाती है। कुछ महिलाओं को कहना है कि पिछले साल यहां पर पूजा नहीं होती थी।

एक महिला ने कहा कि अब भगवान यहां पर आ ही गए है तो इनकी भी पूजा जरूर होनी चाहिए। कुछ महिलाओं का मनाना है कि डस्टबिन की पूजा करने से मनोकामना भी पुरी होती है। पूजा करने से मनोकामना पूरी हो या ना हो,लेकिन लोगों में यह डस्टबिन आस्था का केंद्र बना हुआ हैं।

पढ़े :   यहां अब राज्य सरकार के पैसे से बनेगा बिहार का पहला अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, ...जानिए

Leave a Reply

error: Content is protected !!