देश में आईएएस कैडर का हर दसवां आदमी बिहार का और केंद्र सरकार का हर आठवां सचिव बिहार कैडर का,…जानिए

जी हाँ आईएएस कैडर का हर दसवां आदमी बिहार का है और केंद्र सरकार का हर आठवां सचिव बिहार कैडर का हैं। रोटी, कपड़ा और मकान के अलावा सेहत के महकमे में भी बिहार कैडर के अफसर की धमक है। रोटी का जिम्मा तो केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान संभाल रहे हैं। उनके आप्त सचिव संजीव हंस बिहार कैडर के हैं। इनके अलावा संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव और अपर सचिव स्तर के कई अधिकारी इसी राज्य के हैं। राज्य से आनेवाले मंत्रियों की पहली पसंद भी बिहार कैडर के आईएएस होते हैं।

  • 1980 बैच के अरुण झा राष्ट्रीय जनजाति आयोग के सचिव हैं। इससे पहले जनजातीय मंत्रालय में सचिव थे। झा प्रधानमंत्री के अधीन वाले विभाग-प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत में विशेष सचिव रह चुके हैं।
  • गिरिश शंकर तीन सितम्बर 2015 को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आए। पहले गृह मंत्रालय में तैनाती हुई। अभी भारी उद्योग विभाग के सचिव हैं। यह केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण विभाग है। शंकर 1982 बैच के अधिकारी हैं।
  • नवीन वर्मा को उत्तर-पूर्व क्षेत्र विकास मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। वर्मा 1982 बैच के हैं। बिहार कैडर के चर्चित अधिकारी अमिताभ वर्मा जहाजरानी मंत्रालय के अधीन अंतर्देशीय जल परिवहन प्राधिकार के अध्यक्ष हैं।
  • इनकी देख-रेख में जल परिवहन की कई योजनाएं चल रही हैं। नेशनल हाईवे की तरह नेशनल वाटरवेज पर काम चल रहा है।
  • संतोष मल्ल युवा हैं। लेकिन, जिम्मेवारी महत्वपूर्ण है।1997 बैच के मल्ल केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त हैं। देश भर में फैले सैकड़ों केंद्रीय विद्यालयों की देखरेख की जिम्मेवारी इसी संगठन पर है।
  • ये दो साल पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आए। पहले कृषि कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह से संबद्ध हुए। फिर नई जिम्मेवारी दे दी गई।
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केंद्र में 52 विभाग, 7 के सचिव बिहारी आईएएस
– केंद्र में 52 विभाग हैं। इनमें सात के सचिव बिहार कैडर के हैं। राज्य कैडर के कुल 42 आईएएस केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।
– संजीव हंस, एन सरवन कुमार, सर्वानन एम, कुंदन कुमार, अभय कुमार सिंह और बी कार्तिकेय विभिन्न मंत्रियों से संबद्ध् हैं। एम सर्वानन प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह से जुड़े हैं।

ग्रामीण विकास में भी दबदबा
बिहार कैडर के सबसे अधिक आईएएस अगर किसी एक विभाग में हैं तो वह है ग्रामीण विकास। इसमें रमेश अभिषेक, अमरजीत सिन्हा, एम संतोष मैथ्यू और राजेश भूषण तैनात हैं। इस विभाग के राज्यमंत्री रामकृपाल यादव भी बिहार के हैं। ग्रामीण सड़क और इंदिरा आवास के निर्माण की जवाबदेही इसी विभाग पर है।

1987 बैच के बी प्रधान को गृह मंत्रालय में परामर्शी का महत्वपूर्ण पद दिया गया है। यह संयुक्त सचिव स्तर का पद है।

स्वास्थ्य और संस्कृति सुधारने का भी जिम्मा
1980 बैच के आईएएस नरेंद्र कुमार सिन्हा दो विभागों के सचिव हैं। संस्कृति मंत्रालय में तैनात हैं। पर्यटन की अतिरिक्त जिम्मेवारी है। वह पांच मई 2015 से प्रतिनियुक्ति पर हैं। दो साल बाद रिटायर होंगे। सीके मिश्रा को बड़ी जवाबदेही मिली हुई है। वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव हैं। रश्मि वर्मा वस्त्र मंत्रालय की सचिव हैं। मंत्री हैं-स्मृति इरानी। वर्मा 1982 बैच की हैं। कार्यकाल नवम्बर 2018 तक है। विभाग के लिहाज से भानु प्रताप शर्मा भी भारी भरकम हैं। वह कार्मिक एवं प्रशिक्षण, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के सचिव हैं। यह विभाग प्रधानमंत्री के अधीन है। शर्मा पिछले साल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आए।

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Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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