बिहार के लाल संदीप ने बनाया बैटरी से चलने वाला जेनरेटर

बिहार के नवादा के रोह प्रखंड के संदीप कुमार ने एक ऐसे जेनेरेटर का आविष्कार किया है जो तेल और गैस के बजाय बैटरी से चलती है। रोह के रंजीत दास के बेटे संदीप कुमार जो इंजीनियर बनना चाहते थे, मगर घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रहने के कारण बीकॉम के पढ़ाई करने को मजबूर हो गए।

कॉमर्स से ग्रेजुएट होने के बाद भी संदीप ने एक प्रदूषण रहित और साइलेंट जेनेरेटर का अविष्कार किया है, जो पांच केवी बिजली पैदा करती है। संदीप ने इस जेनेरेटर में बैटरी, एक डाइनेमो, एक गियरबॉक्स जो 5 केवी के अल्टरनेटर को घुमाने के लिए गति दे सके। इसमें एक पांच केवी का अल्टरनेटर और तीन केवी का बैटरी चार्जर लगा है।

इसमें सबसे पहले बैटरी डाइनेमो को चलाती है और उस डायनमो से संदीप द्वारा बनाये गए विशेष गियरबॉक्स को घुमाती है, जिससे एक अल्टरनेटर जुड़ा हुआ है। अल्टरनेटर से बिजली पैदा होती है, जिससे बैटरी भी चार्ज होती है और घर के उपकरण भी चलते हैं। संदीप के पिता एक निजी संस्था में चपरासी की नौकरी करते थे, लिहाजा उनके पास उतने पैसे नहीं थे कि वो अपने बेटे को इंजीनियर बना सके।

रिटायरमेंट के बाद संदीप ने भी उसी संस्था में 4 साल तक नौकरी की। मगर अंदर ही अंदर उन्हें कुछ कर गुजरने की एक लहर दौड़ रही थी। आए दिन वो टीवी और अखबार के माध्यम से देखते थे कि इंधन से होने वाले प्रदूषण से धीरे-धीरे डीजल जेनेरेटर को महानगरों में प्रतिबंधित किया जा रहा है। उसी दिन से उसने इस जेनरेटर के आविष्कार की सोच ली।

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संदीप के पिता और बहन बताते हैं कि इसके लिए वो रात भर काम करते थे। समय-समय पर घर में पैसे भी देते थे। गांव में जो मौजूदा संसाधन था उसी का इस्तेमाल कर उसने यह बनाया है और आज हम सभी परिवार, मित्र और गांव वाले उनके इस अविष्कार से बहुत गौरान्वित महसूस कर रहे हैं।

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