बिहार के इस गांव में पीएम नरेंद्र मोदी को मिला ‘भगवान’ का दर्जा, …जानिए

प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी पर विपक्ष चाहे जितने भी सवाल उठाए लेकिन देश के कई हिस्सों में आज भी ”मोदी मैजिक” जारी है। इसकी बानगी बिहार के कटिहार जिले के आजमनगर प्रखण्ड के एक छोटे से सिंघारोल गांव में भी देखने को मिल रही है जहां रहने वाले लोग पीएम को विकास का देवता मानते हैं।

दरअसल सिंघारोल गांव को अब तक विकास के नाम पर बहुत कुछ नहीं मिला लेकिन बिजली के साथ साथ विकास की अन्य योजनाओं ने गांव में दस्तक दिया तो इस दस्तक से ही लोग बेहद खुश और उत्साहित हैं। उत्साह ऐसा कि गांव के लोगों ने पीएम नरेन्द्र मोदी की मूर्ति बनवाई और अब इसे स्थापित करने के लिए मंदिर बनाने की तैयारी चल रही है।

इतना ही नहीं मोदी भक्तों ने गांव के एक चौक का नाम भी अब मोदी चौक रख दिया है और बिना किसी राजनितिक प्रतिनिधि की मदद से पीएम की मूर्ति बनाकर स्थाई रूप से मंदिर निर्माण लिए तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल आपसी विचारों के आधार पर गांव के ही बजरंग बलि के मन्दिर में पीएम मोदी की प्रतिमा रखी गई है। गांव के लोग भी मानते हैं कि पीएम का मैजिक लगातार जारी है और वो हमारे लिए किसी भी तौर पर भगवान से कम नहीं।

इस मामले में जब हमने लोगों से बात की तो ग्रामीण अरबिंद साह ने बताया कि आज भी इस गांव में शुद्ध पेयजल, सड़क, जल निकासी, विद्यालय नही है मगर गांव तक बिजली पहुंच चुकी है और धीरे-धीरे सभी चीजों में सुधार हो रहा है। ग्रामीणों को भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह समाज के आखरी पायदान तक विकास को पहुचाने की कोशिश कर रहे हैं उससे निश्चित तौर पर उनके गांव का भी विकास होगा।

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ग्रामीण मणि सिंघेश्वर कहते हैं कि इस गांव में ग्रामीण मोदी को विकास का देवता मानते हैं इसलिए बिना किसी राजनीतिक व्यक्ति के सहयोग लेकर वो लोग मूर्ति निर्माण करवा चुके हैं अब बस आपसी चंदा के सहयोग से मंदिर निर्माण की तैयारी कर रहे है। पंचायत के मुखिया लालन विश्वास ने बताया कि गांव का विकास तो हुआ है लेकिन और काम होना है। जहां तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूर्ति और मंदिर का सवाल है तो ये ग्रामीणों की निजी आस्था से जुड़ा हुआ विषय है।

अभिनेता और खिलाड़ियों को भगवान का दर्जा देना इस देश की परम्परा रही है मगर पीएम को भगवान का दर्जा देकर बिहार के इस गांव के लोगों ने एक नई परंपरा की शुरूआत की है।

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