बिहार में यह ठेले पर गोलगप्पे बेचने वाला लेता है ‘पेटीएम’ से पेमेंट, ऐसे आया यूनिक आइडिया

बिहार में हाजीपुर शहर का एक गोलगप्पे वाला गोलगप्पा खिलाने के बाद पेटीएम के जरिए ग्राहकों से पैसे लेता है। शहर के राजेंद्र चौक पर गुप्ता गोलगप्पे वाले पप्पू कुमार चर्चा का विषय बना हुआ है। पप्पू के ठेले पर गोलगप्पा खाने आने वाले ग्राहक भी आश्चर्यचकित हैं साथ ही गोलगप्पे खाने के बाद कैश के बदले पेटीएम से पैसे दे रहे हैं।

शहर के कटरा मोहल्ला महाजन टोला निवासी तरुण साह का पुत्र पप्पू कुमार और उसके पिता तरुण साह गोलगप्पे का ठेला लगाते हैं। जहां ग्राहक गोलगप्पा खाने के बाद पेटीएम के माध्यम से पैसे का भुगतान करते हैं। उसकी दुकान पर दो से ढाई सौ रुपए प्रतिदिन पेटीएम के माध्यम से बिक्री होती है। हालांकि कैश भुगतान करके भी लोग गोलगप्पे खा रहे हैं।

ऐसे आया पेटीएम का आइडिया
पप्पू ने बताया कि नोटबंदी के बाद से ही उसका व्यवसाय प्रभावित होने लगा। उसके ठेले पर गोलगप्पा खाने आने वाले ग्राहकों ने उसे पेटीएम का आइडिया दिया, जिसके बाद उन्हीं में से एक ग्राहक ने उसे पेटीएम चलाना सिखाया। उसने बताया कि वह मात्र 5 वीं पास है। शुरुआत में उसे पेटीएम चलाने में परेशानी हुई थी, मगर अब वह अच्छे से पेटीएम चलाता है।

विदित हो कि ‘पेटीएम’ सीधे बैंक अकाउंट से जुड़ा एक ई-वॉलेट होता है। इसके जरिए आप कपड़े से लेकर खाने-पीने और ट्रैवल व हजारों तरह की शॉपिंग कर सकते हैं। मोबाइल रिचार्ज, डीटीएच, गैस, बिजली बिल, किराना, कपड़े आदि की दुकानों पर पेटीएम से भुगतान कर सकते हैं। कैब या बस सर्विस लेते वक्त भी इसका यूज किया जा सकता है। कई ऑटो चालक भी अपने पैसेंजर्स को इसकी फैसिलिटी दे रहे हैं।

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ऐसे काम करता है
मोबाइल पर पेटीएम एप डाउनलोड करने के बाद उस पर अपना अकाउंट बनाया जाता है। उसके बाद जिस भी जगह आपको पेटीएम का उपयोग करना है, वहां मौजूद पेटीएम के बार कोड को अपने मोबाइल से स्कैन किया जाता है। उसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी को डाल कर पेमेंट किया जा सकता हैं। इसके लिए पहली बार आपको अपने बैंक अकाउंट की जानकारी देनी होती है। पेटीएम वॉलेट का उपयोग करने के लिए उसमें अपने बैंक अकाउंट से पहले ही कुछ पैसा जमा कर दिया जाता है।

पिता पुत्र मिलकर लगाते हैं गोलगप्पे का ठेला
पप्पू गोलगप्पे वाले ने बताया कि शहर के सिनेमा रोड स्थित स्टेट बैंक के पास उसके पिता तरुण साह गोलगप्पे का ठेला लगाते हैं। वो खुद शहर के राजेंद्र चौक पर गोलगप्पे का ठेला लगाता है। उसी ठेले पर पेटीएम का बारकोड रीडर लगा है जिससे लोग गोलगप्पे खाने के बाद रुपए का भुगतान करते हैं। वह प्रतिदिन 15 से 16 सौ रुपए का गोलगप्पे बेचता है।

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