मिठाई छानने व मुरली बजाने के बाद अब ‘राजमिस्त्री’ बने लालू के ‘कन्हैया’, …जानिए

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे व बिहार के पूर्व स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री तेजप्रताप यादव अपने अलग-अलग कारनामों के लिए सुर्खियों में रहते हैं। वे कभी साइकिल तो कभी घोड़े पर सवार दिखते हैं तो कभी मिठाई बनाते नजर आते हैं। लालू के ये ‘कन्‍हैया’ कई बार मुरली बजाते भी देखे जा चुके हैं। ताजा मामला उनके राज मिस्‍त्री बनकर ईंट जोड़ने का है। इसे लेकर वे एक बार फिर चर्चा में हैं।

फेसबुक व ट्विटर पर तस्‍वीरों के साथ तेजप्रताप ने लिखा है कि श्रमिक समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं। राष्ट्र निर्माण, विकास एवं अर्थव्यवस्था में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। देश की विकसित अर्थव्यवस्था श्रमिकों की अच्छी स्थति पर निर्भर करती है। लेकिन, केन्द्र व राज्य सरकारों की योजनाओं में श्रमिकों की महता को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

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उन्‍होंने लिखा है कि कौशल विकास के नाम पर सरकारें योजनाएं तो खूब बनाती हैं, पर अवसर के बिना युवा बेरोजगार ही रह जाते हैं। हर हाथ हुनर, और हर हुनर को रोजगार- यही देश के युवाओं को सही मार्ग पर रखेगा।

वर्ण व्यवस्था ने भारतीय मानसिकता में काम को छोटा या बड़ा बना दिया है। जिस कर्म से सहायता, सहयोग या सृजन हो वह काम छोटा कैसे? विदित हो कि तेजप्रताप यादव अपने पिता की तरह ही ठेठ व व निराले अंदाज में जनता से कनेक्‍ट करने के लिए जाने जाते हैं।

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