स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप ने मेडिकल स्टूडेंट्स को सुनाई बांसुरी, नीचे डांस करती रही लड़कियां

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव अपनी निराली अदओं के लिए मशहूर हैं। कभी बांसुरी बजा कर तो कभी अपने आवास पर जलेबी छान कर मीडिया की सुर्खियों में आने वाले तेजप्रताप शनिवार को एक बार फिर से नेता से अलग एक कलाकार के तौर पर दिखे। मौका था आईजीआईएमएस में चल रहे मेडिकल स्टूडेंट्स के सेरेब्रेक्सिया कार्यक्रम के तहत बॉलीवुड नाइट का।

कार्यक्रम ‘सेरेब्रेक्सिया’ में तेजप्रताप ने बांसुरी बजाकर मन मोह लिया। बांसुरी वादन में तो उन्हें महरत हासिल है। मंच पर तेज प्रताप के बांसुरी वादन के बीच नीचे लड़कियां डांस कर उनका उत्साह बढ़ा रही थीं।

सब पर भारी पड़े मंत्री
वैसे तो डॉक्टरों के मनोरंजन के लिए मुम्बई से कई कलाकार आए थे, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव सब पर भारी पड़े। उन्होंने मंच से बांसुरी बजाना शुरू किया तो सभी मंत्रमुग्ध रह गए। स्वास्थ्य मंत्री का बांसुरी वादन खत्म होते ही जमकर तालियां बजीं।

पीएम को दिया ये जवाब
मंत्री ने मेडिकल छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इसी तरह का कार्यक्रम हमेशा करें क्योंकि आपके बीच यंग और डायनेमिक स्वास्थ्य मंत्री होगा तो फंड की कमी नहीं होने दी जाएगी।

मंत्री ने छात्र-छात्रों को नसीहत दी कि आगे बढो लेकिन मां-बाप को कभी नहीं भूलो क्योंकि मैं भी यहां मां-बाप की बदौलत ही हूं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का भी तेजप्रताप ने जिक्र किया साथ ही कहा कि नकली दवा पर नकेल कस रहे हैं और पूरे बिहार में मेडिकल कॉलेज खोल रहे हैं।

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तेजप्रताप ने कहा कि आज कल के युवा मुरली और शंख छोड़ कर सिर्फ गिटार बजाना ही जानते हैं।

कार्यक्रम के दौरान ही तेजप्रताप ने पीएम मोदी का भी जिक्र किया और कहा कि मोदी जी ने मुझे कन्हैया कहा था तो मैंने जवाब दिया था कि मैं यादव हूं और बिल्कुल कन्हैया का वंशज हूं। तेजप्रताप जब बांसुरी की तान छेड़ने लगे तो लगातार तालियां बजती रही।

अस्पताल परिसर में संगीत के स्वर
आइजीआइएमएस मेें शनिवार को माहौल पूरा-पूरा बदला हुआ था। एक तरफ अस्पताल में मरीजों का इलाज चल रहा था, तो दूसरी ओर खुले मैदान में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम। जैसे ही शाम ढलने को हुई परिसर का खुला मैदान झंकृत हो उठा। शुरू में तो मैदान में कम ही डॉक्टर दिखाई दे रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे शाम ढलती गई, समां बंधती गई।

Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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