बिहार रेजिमेंट: जानें वीरता की कहानी… लंबी है शौर्य की गाथा, हर बार लहराया जीत का तिरंगा

अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा करने वाले बिहार रेजिमेंट का समृद्ध इतिहास रहा है। आइए जानते हैं देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले बिहार रेजिमेंट के बारे में कुछ खास बातें…

देश का प्रतीक अशोक स्तंभ बिहार रेजिमेंट की देन
देश का राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ बिहार रेजिमेंट की ही देन है। बिहार रेजिमेंट ने सबसे पहले अशोक स्तंभ को अपने निशान के रूप में चुना था। रेजिमेंट की कैप पर आज भी ये निशान शोभता है। बाद में भारत सरकार ने अशोक स्तंभ को राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न बनाया।

ये बिहार रेजिमेंट का चिन्ह

बिहार रेजिमेंट का नारा कर्म ही धर्म… है। युद्ध के दौरान बिहार रेजिमेंट के जवान ‘जय बजरंगबली’ और ‘बिरसा मुंडा की जय’ का नारा लगाते हुए दुश्मनों पर टूट पड़ते हैं। 1941 में बनने के बाद से बिहार रेजिमेंट ने वीरता का अनंत कथाएं लिखीं। देश को जब-जब दुश्मन से लड़ने की जरूरत पड़ी तब-तब बिहार रेजिमेंट के योद्धा अपने रेजिमेंट की आन बान और शान के मुताबिक देश के काम आए।

ऐसा नहीं है कि बिहार नाम होने से इसमें सिर्फ बिहार के लोग ही चुने जाते हैं, इस रेजिमेंट का सिर्फ नाम ही बिहार रेजिमेंट हैं। बिहार की राजधानी की पटना के पास दानापुर में बिहार रेजिमेंट का मुख्यालय है। दानापुर के आर्मी कैंटोनमेंट को देश का दूसरा सबसे बड़ा कैंटोनमेंट होने का गर्व हासिल है।

संगीनों से चीर दिया था दुश्मनों का सीना… 
1999 में कारगिल की जंग, 1971 में बांग्लादेश युद्ध, 1965 में पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने और 1947 में पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष में बिहार रेजिमेंट के जवानों ने अपनी बहादुरी का परिचय दिया था। बांग्लादेश में पाकिस्तानी सैनिकों से लड़ाई के दौरान बिहार रेजिमेंट के जवानों ने संगीनों से दुश्मनों का सीना चीर दिया था। इसके अलावा बिहार रेजिमेंट ने 2016 में जम्‍मू-कश्‍मीर के उरी सेक्‍टर में पाकिस्‍तानी आतंकियों के खिलाफ मोर्चा लिया था और उस दौरान पाकिस्तान में भारतीय सेना के द्वारा किये गए सर्जिकल स्ट्राइक में भी इस रेजिमेंट की खासी भागीदारी रही थी।

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लद्दाख में अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए चीनी सेना से हुई हिंसक झड़प में एक बार फिर इस रेजिमेंट ने अपनी गौरवशाली परंपरा को बरकरार रखा। इस रेजिमेंट ने इतिहास में दर्ज किए जाने वाले काम किए हैं, इसी वजह से बिहार रेजिमेंट को भारतीय सेना का एक मजबूत अंग माना जाता है। वर्तमान में बिहार रेजिमेंट अपनी 20 बटालियन, चार राष्ट्रीय रायफल एवं दो प्रादेशिक आर्मी बटालियन के साथ देश की सेवा में लगातार अग्रसर है। 

बिहार रेजिमेंट को मिले सम्मान…
बिहार रेजिमेंट की बहादुरी, वीरता एवं शौर्य को देखते हुए अब तक 3 अशोक चक्र, 2 महावीर चक्र, 2 परम विशिष्ट सेवा मेडल, 14 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 46 शौर्य चक्र समेत अन्य मेडल आदि से सम्मानित किया गया है। इसके अलावे रेजिमेंट को 3 युद्ध सम्मान एवं 3 थिएटर सम्मान से सम्मानित किया गया है।

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