जब पाकिस्‍तान की एक छात्रा ने पूरी क्‍लास के सामने गाया जन गण मन फिर …जानिए

भले ही ज्‍यादातर हिन्‍दुस्‍तानी इत्तेफाक रखते हों कि पाकिस्‍तान में रहने वाले हर बाशिंदे के दिल में हिन्‍दुस्‍तान के लिए सिर्फ नफरत बसती है, लेकिन हकीकत इससे बिल्‍कुल अलग है। हकीकत यह है कि आज भी पाकिस्‍तान में बहुत से ऐसे लोग हैं जो हिन्‍दुस्‍तान के प्रति सकारात्‍मक नजरिया रखते हैं। इन लोगों में से लाहौर के एक कॉलेज की छात्रा अमबरीन रियाज भी है।

अमबरीन रियाज ने बीते दिनों कुछ ऐसा किया है, जिससे अमन के दुश्‍मनों में खलबली मच गई है। दरअसल, 13 सितंबर 2018 को अमबरीन अपनी क्‍लास में अपने सभी सहपाठियों के साथ मौजूद थी। सहपाठियों के बीच गानों का सिलसिला जारी थी। सभी अपने अपने पसंद के गाने सुना रहे थे। अब गाना सुनाने की बारी अमबरीन की थी।

अमबरनी ने अपने लैपटॉप में मौजूद एक बैकग्राउंड म्‍यूजिक शुरू किया। बैकग्राउंड म्‍यूजिक शुरू होते ही अमबरीन की आंखें बंद हो गईं और उसने पूरे सम्‍मान और शिद्दत के साथ भारतीय राष्‍ट्रगान जन गण मन… गाना शुरू किया। अमबरीन की आंखें भारतीय राष्‍ट्रगान की आखिरी लाइन तक बंद रहीं। भारतीय राष्‍ट्रगान खत्‍म करने के बाद जब आंखें खोलीं तो क्‍लास का नजारा देखकर दंग रह गई।

अहसास से परे सहपाठियों की प्रतिक्रिया पाकर उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। दरअसल, अमबरीन की आंखें खुलते ही पूरा क्‍लास तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज गया। साथियों की तालियों की गूंज के साथ अमबरीन को अहसास हो गया कि हिन्‍दुस्‍तान से दोस्‍ती की आशा रखने वाली वह अकेली नहीं, बल्कि उसकी पूरी क्‍लास उसके साथ खड़ी है। अपने सहपाठियों से मिले इस साथ ने अमबरीन को आत्‍मविश्‍वास से भर दिया।

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अमबरीन ने अपने इस अहसास के बाबत ट्विटर पर लिखा है कि “आज मैंने अपनी क्‍लास में भारतीय राष्‍ट्रगान गाया। मेरे सहपाठियों ने मेरा वीडियो बनाया। जैसे ही मैंने राष्‍ट्रगान पूरा किया सभी ने तालियां बजाकर मेरी हौसलाअफजाई की। ओह माई गॉड! कितना सुंदर मौका था यह।”

ट्विटर पर अमन के दुश्‍मनों को दिए अपने पैगाम में अमबरीन ने लिखा कि ‘यदि मैं भारतीय राष्‍ट्रगान वाला ऑडियो क्‍लिप पोस्‍ट करती हूं तो मुझे आतंकवादी, देशद्रोही और न जाने क्‍या क्‍या कह दिया जाएगा। मुझे इस बात की बिल्‍कुल भी परवाह नहीं है कि लोग मेरे बारे में क्‍या सोचते हैं, क्‍योंकि मेरा अल्‍लाह मुझे सबसे बेहतर जानता है, इसीलिए मैं उन सभी लोगों को नजरअंदाज कर रही हूं जो मेरे बारे में नकारात्‍मक हैं।’ बात यहीं पर खत्‍म नहीं हुई। अमन के दुश्‍मन अब अमबरीन की पहचान करने में जुट गए। लगातार सोशल नेट‍वर्किंग साइट पर उसे धमकाया गया। वहीं अमबरीन ने डरने की बजाय अपना कदम आगे बढ़ाया और अपना ऑडियो क्लिप ट्विटर पर 13 सितंबर 2018 की शाम 3:24 बजे पोस्‍ट कर दिया।

अमबरीन के इस इजहार के साथ पूरे पाकिस्‍तान में खलबली मच गई। ज्‍यादातर लोग अमबरीन के पक्ष में खड़े नजर आए, लेकिन ऐसे लोगों की कमी नही थी, जिन्‍होंने अमबरीन को निशाना बनाना शुरू कर दिया। किसी ने कश्‍मीर में चल रहे इंडियन आर्मी के ऑपरेशन की तस्‍वीरें उसे पोस्‍ट की, तो किसी ने कौम और मुल्‍क का वास्‍ता देकर उसे कोसना शुरू कर दिया। अब तक भारत के प्रति अपने अहसास को दबी जुबां से बोलने वाली अमबरीन ने अब खुलकर अमन के दुश्‍मनों को जवाब देना शुरू कर दिया।

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इस तरह पैदा हुई हिन्‍दुस्‍तान के प्रति दिलचस्‍पी
पाकिस्‍तान के लाहौर में रहने वाली अमबरीन रियाज ने बचपन से लेकर युवावस्‍था तक हिन्‍दुस्‍तान और पाकिस्‍तान के बीच मौजूद दुश्‍मनी की तमाम कहानियां सुनी थीं। दुश्‍मनी की इन कहानियों ने अमबरीन के दिल में हिन्‍दुस्‍तान के प्रति एक अलग दिलचस्‍पी पैदा कर दी थी। इसी दिलचस्‍पी का असर था कि वह इंटरनेट के जरिए हिन्‍दुस्‍तान के बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा जानने की कोशिश करने लगी।

इन्‍हीं कोशिशों के बीच सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए अमबरीन की दोस्‍ती कई हिन्‍दुस्‍तानी युवक-युवतियों से हो गई। हिन्‍दुस्‍तानी युवक और युवतियों से संवाद के बाद अमबरीन को अहसास हुआ कि सब कुछ वैसा नहीं है, जैसा पाकिस्‍तान में दिखाया और बताया जाता है। अब तक अमबरीन को यह पता चल चुका था कि हिन्‍दुस्‍तान में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो पाकिस्‍तान के प्रति न केवल सकारात्‍मक नजरिया रखते हैं, बल्कि वे दोनों मुल्‍कों के बीच अमन के हिमायती भी हैं।

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