बिहार के पंकज पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो घर में बिजली पैदा कर कंपनी को दे रहे हैं, …जानिए

बिहार के दानापुर के पंकज बिहार के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो घर में बिजली पैदा कर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को दे रहे हैं। एसकेपुरम स्थित घर मेंं सोलर प्लेट लगाकर पंकज हर दिन 25 यूनिट बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। बिजली से पांच मंजिला मकान के सारे उपकरण चलाते हैं। इसके बाद बची कंपनी को दे देते हैं। इसके लिए घर में अलग-अलग मीटर भी लगाए हैं।

पंकज इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर दिल्ली की एक सौर ऊर्जा कंपनी में कार्य कर चुके हैं। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की इससे जुड़ी गाइडलाइन जारी होने और बिहार विद्युत विनियामक आयोग का गजट प्रकाशित होने के बाद से ही 32 वर्षीय पंकज ने बिजली उत्पादन करने का मन बना लिया था। इसके लिए काफी दौड़ लगाई, पर सफलता नहीं मिल रही थी।

इसी बीच उनकी उनकी मुलाकात बिजली कंपनी के सहायक अभियंता पवन कुमार से हुई जिनकी मदद से पंकज का काम आसान हो गया। दानापुर आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता इंद्रभूषण कश्यप भी आगे आए। फिर दिल्ली से एक और दूसरा मीटर धनबाद से मंगाया गया।

28 सितंबर को शुरू हुआ उत्पादन
पंकज के घर में शुक्रवार 28 सितम्बर को मीटर सहित सिस्टम लगाकर बिजली उत्पादन शुरू हुआ। पहले दिन 24 यूनिट, दूसरे दिन 25 यूनिट और तीसरे दिन 26 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। इस हिसाब से एक माह में औसत 750 यूनिट बिजली उत्पादन होगा।

पंकज के घर में छह किलोवाट की 16 सोलर प्लेटें लगाई गई हैं। पांच मंजिला मकान की छत पर कमरा बना कर सोलर प्लेटें लगाई गई हैं। 3.50 लाख रुपए इस प्लांट को लगाने में खर्च हुए हैं। बिजली अधिकारियों ने बताया कि बिजली उत्पादन के हिसाब से 5 साल में लागत वसूल हो जाएगी।

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25 साल तक बिजली उत्पादन की गारंटी है। सिस्टम में उच्च तकनीक का इन्वर्टर लगा हुआ है। बिहार में यह पहला मौका है कि किसी उपभोक्ता द्वारा उत्पादित बिजली पावर कंपनी अपने सिस्टम में ले रही है।

पांच से सात यूनिट बिजली कंपनी को
पंकज अपने घर में फिलहाल 25 यूनिट रोजना बिजली उत्पादन कर रहे हैं। इसमें 18-20 यूनिट बिजली का उपभोग वे खुद कर रहे। बाकी 5 से 7 यूनिट बिजली कंपनी के खाते में जा रही। फिलहाल बिजली के बदले पैसे नहीं दिए जा रहे। इसकी जगह कंपनी की ओर से उनके खाते में बिजली क्रेडिट की जा रही। जरूरत पड़ने पर कंपनी उतनी बिजली निशुल्क उन्हें मुहैया कराएगी।

पहली बार किसी उपभोक्ता के सोलर प्लांट से बिजली विद्युत कंपनी को मिल रही है। खपत से अधिक उत्पादित बिजली को उपभोक्ता के नाम पर क्रेडिट किया जा रहा है। – पवन कुमार, सहायक अभियंता, विद्युत कंपनी

सौर ऊर्जा पर आधारित प्लांट लगाने की योजना थी। इसमें राज्य सरकार की तरफ से अनुदान नहीं मिला। परन्तु कंपनी के सिस्टम में जाने वाली बिजली को क्रेडिट किया जाएगा। लोग ऐसे प्लांट लगाएं। इससे प्रदूषण भी नहीं होगा। – पंकज कुमार

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