बिहार: 75 फीसदी अटेंडेंस पर सरकार से मिलेगा ये लाभ, …जानिए

बिहार के सरकारी स्कूलों के बच्चों को दिसंबर महीने में साइकिल, पोशाक और छात्रवृत्ति की राशि दी जायेगी। यह राशि उन्हीं बच्चों को मिल सकेगी जिनकी उपस्थिति 1 अप्रैल, 2017 से 30 सितंबर, 2017 के बीच 75 फीसदी होगी। इन योजनाओं की राशि सीधे बैंक खाते में जायेगी।

जिन बच्चों का बैंक एकाउंट नहीं खुला रहेगा उन्हें इस योजना की राशि का लाभ नहीं मिल सकेगा। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश देने की तैयारी कर रहा है कि 30 सितंबर तक स्कूलों की उपस्थिति (अटेडेंस) का आंकड़ा तैयार कर उसे विभाग को उपलब्ध कराया जाये, जिसके आधार पर सरकार इन योजनाओं की राशि स्वीकृत कर जिलों को भेजेगी, जिसे सीधे बच्चों के खाते में ट्रांसफर किया जायेगा।

मुख्यमंत्री बालक-बालिका पोशाक योजना के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को 400 रुपये से 700 रुपये प्रतिवर्ष पोशाक खरीदने के लिए राशि दी जाती है। क्लास नौंवी से 12वीं की सभी छात्राओं को 1000 रुपये दी जाती है। वहीं, छात्रवृत्ति के रूप में 600 से 1200 रुपये छात्र-छात्राओं को दिये जायेंगे।

सामान्य वर्ग के उन्हीं छात्रों को यह राशि दी जाती है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये से कम होती है। वहीं, नौंवी के सभी छात्र-छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए 2500 रुपये और सातवीं से 12वीं तक की सभी छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन के लिए 150 रुपये प्रतिवर्ष दिये जाते हैं।

बालक-बालिका पोशाक योजना

क्लास राशि
एक से दो 400 रुपये
तीन से पांच 500 रुपये
छह से आठ 700 रुपये
नौवीं से 12वीं 1000 रुपये

(सिर्फ छात्रा)

बालक-बालिका छात्रवृत्ति योजना

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क्लास राशि
एक से चार 600 रुपये
पांच से छह 1200 रुपये
सात से दस 1800 रुपये

(सिर्फ छात्र)

किशोरी स्वास्थ्य सेनेटरी नैपकिन योजना

क्लास राशि
सात से 12वीं 150 रुपये

बालक-बालिका साइकिल योजना

क्लास राशि
नौंवी 2500 रुपये

2500 रुपये में कैसे मिलेगी साइकिल ?
मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना में छात्र-छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए 2500 रुपये दिये जाते हैं, जबकि वर्तमान में साइकिल की कीमत कम से कम 3500 रुपये हैं।

जीएसटी के बाद जहां साइकिल की कीमतों में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहीं स्टील व लोहा में जीएसटी लगने से फिर से दो से तीन सौ रुपये प्रति साइकिल बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

एवन, एटलस, हीरो, हरक्यूलस जैसी बड़ी कंपनियों की जो साधारण साइकिल बाजार में उपलब्ध हैं वह 3500 से 4000 के बीच में है। इसमें अलग से कैरियर, घंटी, बास्केट समेत अन्य सामान लगाने पड़ते हैं।

वहीं, जिब्सन, बादशाह, नीलम, नोवा समेत अन्य कंपनियों की साइकिल के दाम भी 3000 से ऊपर के ही हैं। सरकार का सख्त निर्देश है बच्चे बड़ी कंपनी की अच्छी साइकिल ही खरीदेंगे।

Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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