बिहार के पांच जिलों में बनेगा आर्ट गैलरी और ऑडिटोरियम

बिहार के कला, संस्कृति व युवा कल्याण विभाग ने कुछ हटकर करने की सोची तो परिणाम सामने दिखने लगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजनों के अलावा विभागीय स्तर से प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी बनाने को लेकर काफी समय से मंथन चल रहा था।

आखिरकार दरभंगा, सहरसा, मुंगेर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर का रास्ता साफ हो गया है। इन शहरों में छह सौ क्षमता की प्रेक्षागृह बनाने के लिए कला, संस्कृति व युवा कल्याण विभाग ने धनराशि भी जारी कर दी है। निर्माण की जिम्मेदारी भवन निर्माण निगम को दी गयी है।

हर प्रेक्षागृह के लिए 819 लाख रुपये
सरकार ने तय किया था कि हर प्रमंडलीय मुख्यालय (पटना छोड़कर) में कम से कम एक प्रेक्षागृह होना चाहिए। इसके लिए काफी पहले संबंधित प्रमंडलों के जिलाधिकारियों को पत्र भी भेजा गया था।

निर्देश दिया गया था कि अपने स्तर से भूमि देखकर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इसमें दरभंगा, सहरसा, मुंगेर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर भाग्यशाली रहे। वहां बेहतर लोकेशन पर जमीन भी मिल गयी और धनराशि भी जारी हो गयी।

300 गुणा 200 वर्गमीटर में प्रेक्षागृह का निर्माण किया जायेगा। कला, संस्कृति व युवा कल्याण विभाग ने प्रति प्रेक्षागृह 819 लाख रुपये जारी किये हैं। यह रकम भवन निर्माण निगम को दे दी गयी है।

गया, भागलपुर और सारण में जमीन ही नहीं मिली
गया, भागलपुर और सारण में जमीन ही उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इनके यहां विभाग की ओर से रिमाइंडर भेजा गया है, ताकि बेहतर लोकेशन में जमीन की तलाश करके अवगत कराया जाये। भागलपुर में जमीन है, परंतु दूसरे विभाग का है। उस जमीन के हस्तानांतरण की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद प्रेक्षागृह बनाने की कागजी कार्रवाई पूरी की जायेगी।

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बेगूसराय भी आया नंबर में
बेगूसराय को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिला है। सूत्र बताते हैं कि सांस्कृतिक गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि बेगूसराय में भी प्रेक्षागृह होना चाहिए। कला, संस्कृति व युवा कल्याण विभाग ने बेगूसराय के जिलाधिकारी को पत्र लिखा है, ताकि वहां भी जमीन की खोज शुरू हो सके।

दरभंगा, सहरसा, मुंगेर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में प्रेक्षागृह बनाने के लिए टेंडर हो चुका है। उम्मीद है जल्द ही काम शुरू हो जायेगा। शेष स्थानों पर जमीन की तलाश चल रही है।
-सत्य प्रकाश मिश्रा, डायरेक्टर, कल्चरल अफेयर्स

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