बिहार में एलोपैथिक डॉक्टरों के बराबर आयुर्वेदिक चिकित्सकों को मिलेगा वेतन, …जानिए

आयुर्वेद पर्व पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एलान करते हुए कहा कि बिहार में आयुर्वेदिक चिकित्सकों को एलोपैथिक डॉक्टरों के बराबर वेतन मिलेगा। इसके लिए पहले ही कहा गया था, लेकिन कुछ कारणों से यह मामला अटका हुआ है। इसे जल्द दूर करने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही राज्य में पांच आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में से बंद पड़े चार महाविद्यालयों को खोला जायेगा। ये ठीक तरीके से काम करें, इसकी पूरी व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना का राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज काफी पुराना है। उसे केंद्र सरकार ने पहले ही अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के रूप में विकसित करने फैसला लिया है। जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार जमीन और अंशदान भी देगी, लेकिन अब भी इस संबंध में कागज पेंडिंग है। कार्यक्रम में आयुष विभाग के केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद नाइक भी सम्मिलित होने वाले थे। उनके सामने इस मसले को रखने की बात मैंने पहले से ही सोच रखी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वे नहीं आ सके। अब इस संबंध में संयुक्त सचिव रोशन जग्गी से कहूंगा कि पटना राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के रूप में परिणत कीजिए, क्योंकि यह हमारी इच्छा है और इससे हमारा भावनात्मक जुड़ाव भी है।

सीएम की नसीहत, जिस विधा में ली डिग्री, उसी पद्धति से करें इलाज
सीएम ने आयुर्वेदिक डॉक्टरों को नसीहत दी कि जिस विधा में डिग्री और ट्रेिनंग ली है, उसी पद्धति से इलाज करें। उन्होंने कहा, एलोपैथ का इतना प्रचार हो गया है कि दूसरी चिकित्सा पद्धति में शिक्षित व प्रशिक्षित लोग भी डायवर्ट करते हैं, पर ऐसा नहीं होना चाहिए। आयुर्वेद -यूनानी सहित अन्य पुरानी और देशी चिकित्सा पद्धतियों की अपनी अहमियत है।

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जिला स्तर पर भी हो आयोजन
नीतीश कुमार ने कहा कि यहां हम छठा आयुर्वेद पर्व मना रहे हैं, लेकिन जिला स्तर पर भी इस तरह का कार्यक्रम होना चाहिए। इससे लोगों को काफी लाभ होगा। इस तरह के कार्यक्रम से आयुर्वेद से जुड़े लोगों और इसमें दिलचस्पी रखने वाले लोगों को काफी प्रसन्नता होगी। अंत में इस तीन दिवसीय छठे आयुर्वेद पर्व की सफलता की शुभकामना देते हुए मुख्यमंत्री ने आयोजकों को बधाई दी।

अगले वित्तीय वर्ष से शुरू होंगे बंद पड़े चार आयुर्वेदिक कॉलेज
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि 15-20 दिनों में आयुष मिशन का गठन हो जायेगा। उन्होंने कहा कि चार आयुर्वेदिक कॉलेज बंद हैं। इनमें शिक्षकों व कर्मियों की कमी है। इन्हें अगले वित्तीय वर्ष से शुरू किया जायेगा। इनमें बेगूसराय में 47 पद सृजित किये गये हैं, जिन पर नियुक्ति होगी। बक्सर, दरभंगा व भागलपुर में 156 पदों के सृजन का निर्णय लिया है।

समारोह को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव स्वास्थ्य संजय कुमार, केंद्रीय आयुष विभाग के संयुक्त सचिव रोशन जग्गी, वैद्य बनवारी लाल गौड़, अखिल भारतीय आयुर्वेदिक महासम्मेलन के अध्यक्ष पद्मभूषण वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर वैद्य बनवारी लाल गौड़, आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उदयकांत मिश्र, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, अखिल भारतीय आयुर्वेदिक महासम्मेलन के जेनेरल सेक्रेटरी दीनानाथ उपाध्याय, रणजीत पौराणिक, वैद्य प्रभात कुमार, डीएम कुमार रवि, मधुरेंद्र पांडेय सहित देश के विभिन्न हिस्सों और वियतनाम से आये डेलिगेट्स और छात्र-छात्राएं मौजूद थीं।

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आयुष एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री की घोषणा का किया स्वागत
आयुष मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मधुरेंदु पांडेय ने मुख्यमंत्री द्वारा आयुष चिकित्सकों को एमबीबीएस डॉक्टरों के समान वेतन देने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन की इस मांग को पूरा कर आयुष चिकित्सकों को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा की बंद पड़े चारों आयुर्वेद कॉलेजों को खोलने की घोषणा भी स्वागतयोग्य कदम है।

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