तेजप्रताप यादव को सीबीआइ ने इस मामले में दिया क्लीन चिट, …जानिए

राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े पुत्र व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव को सीबीआइ ने बड़ी राहत दी है। सीबीआइ ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में एक शपथ पत्र दायर कर स्पष्ट किया कि सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में तेजप्रताप यादव की कोई भूमिका नहीं है। इस हत्याकांड के एक अभियुक्त मो. कैफ के साथ मीडिया में वायरल हुई तस्वीर का भी इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है।

बता दें कि पिछले दिनों इस बहुचर्चित हत्याकांड के अभियुक्तों में शामिल मो. काफी शमशीर उर्फ मो. कैफ के साथ तेजप्रताप यादव की एक तस्वीर वायरल हुई थी। जिसके बाद इसके अभियुक्तों से तेजप्रताप यादव के संबंधों को लेकर चर्चा का बाजार गर्म हो गया था।

राजदेव रंजन हत्याकांड की जांच का सुपरविजन कर रहे सीबीआइ के स्पेशल क्राइम ब्रांच के एसपी एसएस किशोर ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र दायर कर कहा कि तेजप्रताप यादव के साथ मो. कैफ की तस्वीर घटना से पहले की है। सिवान में फल मंडी के समीप राजदेव रंजन की हत्या 13 मई, 2016 को कर दी गई थी। जबकि तेजप्रताप यादव के साथ मो. कैफ की यह तस्वीर 13 फरवरी, 2016 की है। सीबीआइ ने कोर्ट को यह भी बताया है कि इस तस्वीर से राजदेव रंजन हत्याकांड का कोई संबंध नहीं है।

सीबीआइ के एसपी ने अपने शपथ पत्र में यह भी कहा है कि पूर्वमंत्री तेजप्रताप यादव के साथ तस्वीर खिंचवाने वाला मो. कैफ फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है। उसने जेल में बतौर विचाराधीन कैदी के रूप में 90 दिन बिताए हैं। इस दौरान उसके खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं होने के कारण उसे जमानत मिल गई है। मो. कैफ को सीबीआइ ने 7 अक्टूबर, 2016 को गिरफ्तार किया था।

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बता दें कि पत्रकार राजदेव रंजन की पत्नी आशा यादव के बयान के आधार पर सिवान पुलिस ने हत्या का यह मुकदमा दर्ज किया था। राजदेव रंजन हत्याकांड में सीबीआइ ने कुल छह लोगों को मुख्य अभियुक्त बनाया है। जिसमें अजहरुद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां, विजय कुमार गुप्ता, रोहित कुमार सोनी, राजेश कुमार, रिशु कुमार और मो. कैफी शमशीर उर्फ मो. कैफ शामिल हैं।

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