मैट्रिक-इंटर परीक्षा देने वालों के लिए बड़ी खबर: किया ये काम तो रद होगा रिजल्ट, …जानिए

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटर और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2018 में ओएमआर शीट पर व्हाइटनर का उपयोग करने पर परीक्षाफल रद कर दिया जाएगा। व्हाइटनर के कारण रद रिजल्ट में सुधार के लिए आपत्ति भी नहीं ली जाएगी। यह जानकारी शनिवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बोर्ड ऑफिस में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में सभी जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तथा मास्टर ट्रेनरों को दी।

उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट कंप्यूटर द्वारा स्कैन किया जाएगा। इस कारण उससे किसी तरह का छेड़छाड़ नुकसानदायक होगी। इसकी जानकारी परीक्षा शुरू होने से पहले वीक्षक परीक्षार्थियों को देंगे। उत्तरपुस्तिका का मुख्य पृष्ठ ओएमआर शीट होगा। यह तीन भागों में बंटी होगी।

वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के जवाब के लिए अलग से ओएमआर शीट उपलब्ध कराई जाएगी। ओएमआर शीट भरने में परीक्षार्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में दोनों तरह के ओएमआर शीट भेजी जा चुकी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करेंगे कि सभी परीक्षार्थियों को इसकी कॉपी मिल जाए।

विषय कोड में बदलाव
इस बार विषय कोड में बदलाव किया गया है। विषय कोड पहले अल्फाबेटिकल होता था। इस वर्ष से यह नंबर के आधार पर होगा। ओएमआर शीट परीक्षार्थी प्रवेश पत्र में दर्ज सूचनाओं के आधार पर ही भरेंगे। उत्तरपुस्तिका और ओएमआर शीट पर कुछ भी अंकित करने से पहले परीक्षार्थी सुनिश्चित कर लें कि उसके सभी पन्ने दुरुस्त हैं। किसी तरह की परेशानी होने पर वीक्षक को सूचना देंगे। कार्यशाला दो पालियों में हुई।

पहली पाली में पटना, मगध, तिरहुत तथा सारण प्रमंडल के 20 जिले तथा दूसरी पाली में दरभंगा, कोशी, पूर्णिया, भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के 18 जिलों के डीपीओ और मास्टर ट्रेनर शामिल हुए। अपने-अपने जिलों में मास्टर ट्रेनर नौ और 10 जनवरी को कार्यशाला कर केंद्राधीक्षकों, प्राचार्य तथा चयनित शिक्षकों को प्रायोगिक और सैद्धांतिक परीक्षा से संबंधित ओएमआर शीट, उत्तरपुस्तिका, उपस्थिति पत्रक, डिस्पैच स्टेटमेंट, निष्कासन, फ्लाइंग स्लिप, अवार्ड शीट आदि भरने तथा पैकिंग की जानकारी देंगे।

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कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित हो गई है। पिछले साल परीक्षा संचालन के दौरान उत्पन्न कठिनाइयों से सीख लेते हुए कई स्तर पर फेरबदल किए गए हैं। अध्यक्ष ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में दी जा रही जानकारी को बारीकी से समझने और उपलब्ध कराए गए मैटेरियल को बार-बार पढऩे की अपील की। इस साल की परीक्षा को आदर्श परीक्षा व्यवस्था का रूप देने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हो।

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