राजगीर में हुई नीतीश कैबिनेट की बैठक का पूरा विवरण…

बिहार कैबिनेट की बैठक राजधानी पटना से दूर राजगीर के अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित बिहार के सभी मंत्री शामिल रहे। कैबिनेट की बैठक में कुल 32 एजेंडों पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उन्हें पारित किया गया।

सभी 21 शराब फैक्टरियां होंगी बंद
राज्य में पूर्ण शराबबंदी के नौ महीने बाद सरकार ने प्रदेश में चल रही सभी 21 शराब फैक्टरियों को भी बंद करने का फैसला किया है। पांच अप्रैल, 2016 के बाद से राज्य में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू है। अब 31 मार्च, 2017 के बाद ये सभी शराब और बीयर फैक्टरियां भी बंद हो जायेंगी। सरकार इनके लाइसेंस का एक अप्रैल से रिनुअल (नवीकरण) नहीं करेगी।

बिहार में बियर बनाने की तीन, विदेशी शराब बनाने की 12 और इथेनॉल बनाने की छह फैक्ट्रियां हैं। सरकार ने यह प्रस्ताव दिया है कि प्रबंधन चाहे तो फैक्ट्रियों में कोई अन्य पेय पदार्थ या उत्पाद बना सकता है। इसके लिए सरकार उन्हें एनओसी देगी। कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ​​ने बताया कि बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 के तहत सरकार ने बिहार में अनाज आधारित आसवनी से ई.एन.ए. निर्माण और विदेशी शराब निर्माण व इसके बॉटलिंग प्लांट को मिले लाइसेंस का वर्ष 2017-18 में नवीकरण नहीं किया जाएगा।

कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के लिए 152 करोड़
राज्य के सभी प्रखंडों में कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के भवन निर्माण के लिए 152 करोड़ 60 लाख की स्वीकृति कैबिनेट ने दी। इस राशि में 2016-17 में 44.54 करोड़ से खर्च होने हैं। एक केंद्र के निर्माण पर 28.57 लाख खर्च होंगे।

ओडीएफ पंचायतों को प्लस टू स्कूल का तोहफा
खुले में शौच से मुक्त पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर प्लूस टू स्कूल खोले जाएंगे। बिहार को खुले में शौच से मुक्त करने के उद्देश्य के तहत यह निर्णय लिया गया है। ताकि इसको लेकर लोगों में जागरूकता आए। राज्य में कुल 8391 पंचायत हैं। अभी 2939 पंचायतों में हाईस्कूल या प्लस टू स्कूल नहीं हैं। इन सभी पंचायतों में प्लस टू स्कूल खोले जाने हैं। इनमें जो पंचायत खुले में शौच से मुक्त घोषित होगा, वहां सबसे पहले प्लस टू स्कूल स्थापित किए जाएंगे। अब तक राज्य की 152 पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है।

सिंचाई सुविधा बहाल करने के लिए 49.36 करोड़ स्वीकृत
राज्य के 23 जिलों में केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ‘ड्रॉप मोर क्रॉप के तहत 49.36 करोड़ खर्च की स्वीकृती दी गई। इनमें 19.74 करोड़ राज्य सरकार खर्च करेगी। इससे जल स्रोत का निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य होगा, ताकि खेत तक पानी पहुंचाया जा सके। बांका, बेगूसराय, भागलपुर, बक्सर, गोपालगंज, कटिहार, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, रोहतास, सीतामढ़ी, वैशाली, नवादा, औरंगाबाद, भोजपुर, गया, जहानाबाद, जमुई, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, पटना, सारण और सीवान में इस योजना के तहत काम होगा।

कर्पूरी ठाकुर छात्रावास के लिए 57 करोड़
पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों के निर्माण के लिए 56.81 करोड़ खर्च करने की स्वीकृत मिली। 100 छात्रों क्षमता के 18 छात्रावासों के लिए यह राशि दी गई है की। यह राशि वर्ष 2016-17 के लिए है।

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अस्पतालों में वेतन को 160 करोड़
राज्य के सदर, अनुमंडलीय और प्रमंडलीय अस्पतालों में वित्तीय वर्ष 2016-17 में वेतन और भत्ते के लिए 160 करोड़ बिहार आकस्मिक निधि से दिये जाने की स्वीकृति दी गई।

शिक्षकों के वेतन को 2100 करोड़ नियोजित
राज्य के प्रारंभिक स्कूलों के 2.78 लाख नियोजित शिक्षकों के बकायेे वेतन के लिए सरकार 2100 ने करोड़ रुपये को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। इसमें केंद्रांश मद में 1470.18 करोड़ और राज्यांश के रूप में 629.81 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। इस राशि से 2.78 लाख नियोजित शिक्षकों को नवंबर, 2016 से फरवरी, 2017 तक के वेतन का भुगतान होगा। केंद्र से सर्वशिक्षा अभियान की राशि नहीं मिलने के कारण नियोजित शिक्षकों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिल सका है। इसलिए, राज्य सरकार ने केंद्र से राशि मिलने के इंतजार में अपने मद से केंद्रांश व राज्यांश की राशि मंजूर की है। सर्वशिक्षा अभियान मद में वित्तीय वर्ष 2016-17 केंद्रांश के रूप में 5799.16 करोड़ रुपये मंजूर किये थे में।

केंद्र ने दो बार में 2,707.98 करोड़ रुपये दिये हैं। वहीं, राज्यांश 3,866.11 करोड़ में से 1,804.58 करोड़ भुगतान हो का सका है। वहीं, प्रारंभिक स्कूलों के 66 हजार वैसे नियोजित शिक्षक, जिन्हें राज्य सरकार अपने मद से वेतन की पूरी राशि देती है उनके फरवरी, 2017 तक के वेतन की मंजूरी सरकार ने पिछले साल ही दे दी थी।

पटना में बनेगा आईटी पार्क
कैबिनेट की बैठक में पटना में डाकबंगला चौराहे पर आइटी टावर निर्माण का फैसला भी लिया गया। आइटी आधारित उद्योगों में निवेश के लिए डाकबंगला चौराहे के पास पीपीपी मोड पर आइटी टावर का निर्माण किया जायेगा। इसमें आइटी के क्षेत्र में निवेश करनेवाली कंपनियों को जगह दी जायेगी।

पटना में सीवरेज प्लांट के लिए 426.71 करोड़
मंत्रिपरिषद ने पटना शहर के लिए सैदपुर जोन में 172.50 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क निर्माण के लिए 426.71 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इसमें राज्यांश के रूप में 238.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विश्व बैंक की मदद से राजधानी के बेऊर इलाके में 179.74 किलोमीटर सीवरेज निर्माण के लिए 394.89 करोड़ स्वीकृति दी गयी थी। तीस फीसदी राज्यांश के रूप 236.85 में करोड़ की राशि खर्च की जायेगी।

छात्रावास निर्माण पर 56.81 करोड़ रुपये होंगे खर्च
मंत्रिपरिषद ने पिछड़ा वर्ग व अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण योजना के तहत सौ बिस्तर वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास निर्माण योजना के तहत 18 छात्रावास निर्माण के लिए 56.81 करोड़ रुपये खर्च की अनुमति दी है। इसमें 23.15 करोड़ राज्य पुल निर्माण निगम के कॉरपोरेट सोशल रिस्पांशब्लिटी के तहत खर्च किये जायेंगे। प्रति छात्रावास निर्माण पर 1.87 करोड़ खर्च होंगे।

राज्य में 2019 तक बनेंगे 4.76 लाख आवास
प्रधाानमंत्री अावास योजना के तहत राज्य में 2016-17, 2017-18 अौर 2018-19 में चार लाख 76 हजार आवास बनाये जाने को मंजूरी दी गयी। इसके लिए केंद्र सरकार साठ प्रतिशत और राज्य सरकार चालीस प्रतिशत राशि खर्च करेगी। 269 ​​वर्ग मीटर की जगह में 25 वर्ग मीटर रसोई के लिए जगह होगी। सामान्य जिलों में प्रति आवास एक लाख बीस हजार रुपये व नक्सल प्रभावित 11 जिलों में एक लाख तीस हजार रुपये खर्च किये जायेंगे। सामान्य जिलों में नब्बे दिनों में तथा नक्सलग्रस्त जिलों में 95 दिनों में आवास बनाये जायेंगे.शौचालय निर्माण के लिए प्रति आवास 12 हजार रुपये लोहिया स्वच्छ योजना के तहत दिये जायेंगे।

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सड़क के लिए 4450.50 करोड़
मंत्रिपरिषद ने राज्य की विभिन्न सड़कों के निर्माण के लिए कुल 4450.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इसमें 3935.13 करोड़ भारत-नेपाल सीमा के समांतर पूर्वी चंपारण के गोबरिहया से किशनगंज जिले के गलगलिया तक कुल 552.29 किलोमीटर लंबी दो लेन की सड़क बनाने पर खर्च होंगे। पावापुरी-पासरावां पथ के लिए 22.34 करोड़, समस्तीपुर जिले के सिघिंया से हिरणी के चौड़ीकरण पर 25.29 करोड़ तथा नाबार्ड ऋण योजना के तहत भागलपुर के नौगछिया के निकट कोसी नदी पर पहुंच पथ निर्माण के लिए 467.84 करोड़ खर्च करने की मंजूरी दी गयी है।

आरबीआइ से रजिस्टर्ड नॉन बैंकिंग कंपनियों को राहत
कैबिनेट की बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्य में कार्यरत वैसी नॉन बैंकिंग कंपनियां जो रिजर्व बैंक से निबंधित हैं, उन्हें बिहार मनी लाउंड्रिंग एक्ट 1974 के प्रावधानों से मुक्त कर दिया गया है।

गाइड बांध तक मिट्टी के नये बांध निर्माण के लिए 62.81 करोड़ की स्वीकृति
उत्तरप्रदेश के अहरौली दान बांध से बेतिया-गोपलगंज के गाइड बांध तक मिट्टी के नये बांध निर्माण को 62.81 करोड़ की स्वीकृति भी मंत्रिपरिषद ने दी। नदी जोड़ अभियान के तहत कोसी-मेची लिंक योजना के पर्यावरण प्रभाव का आकलन करने के लिए 34 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे और सेंटर फॉर इवोटेक मैनजमेंट कंसलटेसी को यह काम सौंपा गया है।

कोसी के पानी का उपयोग अररिया, पूर्णिया, किशनगंज से कटिहार तक होगा
कोसी-मेची नदी लिंक योजना के तहत कोसी नदी के पानी की सिंचाई के लिए उपयोग अररिया, पूर्णिया, किशनगंज से कटिहार तक होगा। इस योजना से दो लाख 10 हजार हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य है।

इसके तहत पूर्वी कोसी मुख्य नहर को मेची नदी तक 75.2 किलोमीटर बढ़ाया जायेगा। इस पर उनचास सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैबिनेट ने इसके लिए भुवनेश्वर की सेंटर फाॅर इनवोटेक मैनेजमेंट कंसलटेंसी को पर्यावरण इम्पैक्ट असेसमेंट करने की जिम्मेवारी सौंपी है। इसके लिए 34 लाख रुपये की मंजूरी दी गयी है। बागवानी मिशन योजना के तहत 38.33 मंजूर किये सीएम गये हैं करोड़। इस राशि से फल, सब्जी, फूल, मसाला, औषधीय पौधे, मखाना और मधुमक्खी पालन योजना को बढ़ावा दिया जायेगा।
 
संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन पर फैसला राज्य सरकार करेगी
संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को वेतन मिलेगा कि नहीं, अब यह फैसला राज्य सरकार करेगी। सुप्रीम कोर्ट के सरकारी दर्जा नहीं देने के आदेश के बाद प्रदेश भर के 429 विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन के ऊपर खतरा मंडराने लगा है। अब राज्य सरकार इन शिक्षकों के लिए फैसला लेगी कि इन्हें वेतन दिया जायेगा कि नहीं।

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प्रदेश भर के 3861 शिक्षक इसमें शामिल हैं, जिन्हें सरकारीकरण किया जाना था। वहीं, शिक्षक वेतन नहीं मिलने पर स्कूल छोड़ने के बारे में सोच रहे हैं। ज्ञात हो कि 1989 में बिहार सरकार ने 429 संस्कृत विद्यालयों को नियंत्रण में लेकर सरकारी दर्जा देने की घोषणा की थी। 429 विद्यालयों को सरकारी दर्जा दिया भी गया। लेकिन, 1992 में सरकारी दर्जा का अध्यादेश समाप्त हो गया।

इसके बाद सरकार ने शिक्षकों को सरकारी वेतनमान देने से मना कर दिया। इसके बाद शिक्षक पहले हाइकोर्ट गये। हाइकोर्ट से शिक्षक जीत गये। लेकिन इसके बाद संस्कृत शिक्षा बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के पास गया। 22 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड के पक्ष में फैसला सुनाया है। शिक्षकों के वेतन पर संकट आने से कई विद्यालयों के शिक्षक विद्यालय छोड़ने का निर्णय ले रहे हैं। संस्कृत शिक्षक संघ से मिली जानकारी के अनुसार बिना वेतन के शिक्षक कैसे काम करेंगे। राज्य सरकार को हमारे बारे में सोचना चाहिए।

अगर सरकार हमें वेतन नहीं देगी तो हम स्कूल छोड़ देंगे। ज्ञात हो कि इसमें वैसे शिक्षक भी शामिल है जो सेवानिवृत हो चुके है। शिक्षकों के विद्यालय छोड़ देने से विद्यालय के बंद हो जाने का भी डर है।

अभी निर्णय नहीं

ये सारे स्कूल अनुदान वाले थे। अनुदान के रूप में ही हमेशा यहां के शिक्षकों को वेतन दिया जाता रहा है। अब राज्य सरकार इन शिक्षकों के वेतन को लेकर फैसला लेगी। अभी निर्णय नहीं लिया गया है। इसमें प्रदेश भर के 3861 शिक्षक शामिल हैं।
पीएन मिश्रा, अध्यक्ष, बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड

23 फरवरी से विधानमंडल का बजट सत्र
विधानमंडल का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा बिहार। कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बजट सत्र 31 मार्च तक चलेगा। पहले दिन विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक होगी, जिसे राज्यपाल रामनाथ कोविंद संबोधित करेंगे। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण को सदन की पटल पर रखा जा सकता है। वही, 27 फरवरी को बजट पेश किये जाने की संभावना है। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किये जाने की संभावना है।

सीएम ने जू सफारी पार्क का किया शिलान्यास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को स्थानीय सोना गिरि पहाड़ी की तलहटी में बननेवाली जू सफारी पार्क की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि यह सूबे का अनोखा पार्क होगा, जिसमें भालू, तेंदूआ, बाघ, शेर एक साथ प्राकृतिक रूप से विचरण करते नजर आयेंगे। पार्क में कई प्रजातियों की तितलियां और पशु-पक्षी भी पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। 60 करोड़ की लागत से 191.12 हेक्टेयर में बननेवाले जू सफारी पार्क को छह जोनों में बांटा गया है- हर्बल, भालू, तेंदूआ, बाघ, शेर और तितली सफारी। इसके अलावा इसमें रिसेप्शन, मैनेजमेंट लैंड स्केप जोन भी बनाये जायेंगे।

Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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