बिहार: सातवें वेतनमान पर लगी मुहर, जानिए कब से मिलेगा आर्थिक लाभ

राज्यकर्मियों, पेंशनभोगियों व नियोजित शिक्षकों-लाइब्रेरियनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के 24 घंटे के भीतर ही कैबिनेट ने मंगलवार को नया वेतनमान लागू करने को मंजूरी दे दी। इसका 3.65 लाख राज्यकर्मियों, लगभग 6 लाख पेंशनभोगियों और तीन लाख से अधिक नियोजित शिक्षक-लाइब्रेरियनों को सीधा लाभ होगा। इससे राज्यकर्मियों का वेतन लगभग 15 प्रतिशत बढ़ जाएगा।

राज्य सरकार ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए पूर्व मुख्य सचिव जीएस कंग की अध्यक्षता में राज्य वेतन आयोग का गठन किया था। जिसकी सिफारिशों के आलोक में राज्यकर्मियों, पेंशनभोगियों व नियोजित शिक्षकों-लाइब्रेरियनों को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं का लाभ दिया जा रहा है।

मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए मंत्रिमंडल समन्वय विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा कि केंद्र के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप ही राज्यकर्मियों को वेतनवृद्धि का लाभ दिया जा रहा है। राज्यकर्मियों को बढ़े हुए वेतन का वैचारिक लाभ 1 जनवरी, 2016 से तथा वास्तविक लाभ 1 अप्रैल, 2017 से देय होगा।

संवाददाता सम्मेलन में मौजूद वित्त विभाग के प्रधान सचिव रवि मित्तल ने बताया कि इसमें राज्यकर्मियों को बढ़ी हुई दरों पर मिलने वाले भत्तों की गणना अभी नहीं की गई है। भत्तों की गणना सातवें केंद्रीय वेतन आयोग में भी लंबित है। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने राज्य वेतन आयोग का कार्यकाल अगले दो माह के लिए बढ़ा दिया है। इस प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।

मेहरोत्रा व मित्तल ने कहा कि राज्य वेतन आयोग ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप ही राज्यकर्मियों को मिलने वाले मूल वेतन (पे बैंड) और ग्रेड पे को जोड़कर उसे 2.57 से गुणा करने पर जो राशि आती है, उसी के हिसाब से वेतन में वृद्धि करने का फैसला लिया है। इसके अलावा राज्यकर्मियों की ग्रैचुएटी भी दोगुनी कर दी गयी है। इसे 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गयी है। वेतनमान पर मंत्रिपरिषद की मुहर लगने के साथ ही इस महीने के अंत तक इसकी अधिसूचना जारी हो जायेगी और कर्मियों को इसका लाभ भी मिल जायेगा।

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पुराना वेतनमान ग्रेड-पे नया वेतनमान
5200-20200 1800 18000 – 56900
5200-20200 1900 19900 – 63200
5200-20200 2000 21700 – 69100
5200-20200 2400 25500 – 81000
5200-20200 2800 29200 – 92300
19300-34800 4200 35400- 112400
19300-34800 4600 44900 – 122500
19300-34800 4800 47600 – 151100
19300-34800 5400 53100 – 167800
15600-39100 6600 67700 – 208700
15600-39100 7600 78800 – 209200
37400-67000 8700 118500 – 214100
37400-67000 8900 131100 – 216600
37400-67000 10000 144200 – 218200

यही फार्मूला नियोजित शिक्षकों-लाइब्रेरियनों की वेतनवृद्धि में भी अपनाया गया है। संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने कहा कि राज्यकर्मियों के भत्तों में प्रस्तावित वृद्धि का लाभ भी नियोजित शिक्षकों-लाइब्रेरियनों को मिलेगा। उन्हें राज्यकर्मियों की तरह ही आवासीय व चिकित्सा भत्ता का लाभ दिया जा रहा है।

न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रति हो जायेगा
सातवां वेतनमान लागू होने के बाद सरकारी नौकरी में न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रति माह हो जायेगा, जबकि वर्तमान में न्यूनतम वेतन 5200 रुपये प्रति माह है।

छह हजार 500 करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ेगा खजाने पर
सातवां वेतनमान लागू करने से राज्य सरकार के खजाने पर करीब पांच हजार करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ेगा। वर्तमान में राज्य में सरकारी कर्मचारियों की संख्या तीन लाख 65 हजार और पेंशनरों की संख्या करीब छह लाख है। इसके अलावा वेतनमान के अनुरूप वेतन पाने वाले नियोजित शिक्षकों-लाइब्रेरियनों को सातवां वेतनमान का लाभ देने में सरकारी खजाने पर एक हजार 500 करोड़ का अतिरिक्त बोझ सरकारी खजाने पर पड़ेगा। इस तरह सातवां वेतनमान लागू करने में सरकारी खजाने पर कुल छह हजार 500 करोड़ का बोझ पड़ेगा।

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Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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