बिहार कैबिनेट का फैसला : राज्य के सभी सरकारी भवन बनेंगे भूकंपरोधी, …जानिए

बिहार सरकार ने अपने सभी सरकारी भवनों को भूकंपरोधी बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए भवनों को सुदृढ़ीकरण कराया जायेगा। इस पर 72.12 करोड़ खर्च का अनुमान लगाया गया है।

इसके क्रियान्वयन के लिए 10 भवन कार्य प्रमंडलों में गठित विशेष सेल के लिए 10 सहायक अभियंता के नये पद बनाये गये हैं। इसकी मंजूरी कैबिनेट की बैठक में दी गयी।

गंगा नदी में गाद का होगा अध्ययन
राज्य सरकार गंगा नदी में गाद की तेजी से बढ़ती समस्या और इसके निदान का अध्ययन करवायेगी। यह अध्ययन आईआईटी, कानपुर के प्रोफेसर डॉ राजीव सिन्हा की देखरेख में होगा। उन्हें बकायदा परामर्शी नियुक्त किया गया है।

छह महीने में अध्ययन पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जायेगी। इसके लिए 42 लाख 93 हजार रुपये मंजूर किये गये हैं।

अध्ययन के दौरान मुख्य रूप से गंगा नदी में बक्सर से फरक्का के बीच निरंतर जमा हो रही गाद से राज्य पर पड़ने वाले कुप्रभावों और इससे उत्पन्न हो रही अन्य समस्याओं का पता लगाया जायेगा। साथ ही इसका समाधान भी निकाला जायेगा।

फरक्का बराज की संचालन पद्धति पर राज्य के हितों का ध्यान रखते हुए सुझाव प्राप्त करने के लिए कई विषयों पर अध्ययन किया जायेगा। गंगा में गाद समस्या का त्वरित मूल्यांकन नयी तकनीकों की सहायता से विस्तृत आकलन किया जायेगा। इसमें ड्रोन की मदद ली जायेगी।

तीन नये विवि में वीसी व प्रो वीसी जल्द
राज्य के तीन नये विश्वविद्यालयों में वीसी व प्रो वीसी की नियुक्ति के लिए जल्द ही सर्च कमेटी गठित की जायेगी। साथ ही इन तीनों विवि में पदाधिकारियों व कर्मचारियों के 48 पदों के सृजन की स्वीकृति दी जायेगी। इस तरह तीनों विश्वविद्यालयों में 144 नये पदों को मंजूरी दी गयी है। इन पदों पर बहाली होने के बाद इन विश्वविद्यालयों में तमाम तरह की गतिविधियां शुरू हो जायेंगी और इनका प्रशासनिक ढांचा करीब तैयार हो जायेगा।

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किशनगंज के ठाकुरगंज में लगेगा मक्का प्रसंस्करण उद्योग
किशनगंज के ठाकुरगंज में कोलकाता की रिगल रिर्सोसेज प्राइवेट लिमिटेड 180 टीपीडी क्षमता का मेज क्रसिंग स्टार्च प्लांट लगाया जायेगा। इस पर 68.48 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

अब बिजली की केंद्रीकृत मॉनीटरिंग
राज्य के ग्रिड व सब स्टेशनों के फीडरों में एबीटी मीटर लगेंगे़ इसके लिए Rs 71 करोड़ मंजूर किये गये हैं। इससे बिजली की खपत व लोड की रियल टाइम मॉनीटरिंग हो पायेगी। मुख्यालय से ही पता चल जायेगा कि कहां कितनी खपत है व कहां कितना लोड है। क्षेत्रवार खपत का सही आकलन हो पायेगा, जिसके आधार पर बिजली की सही तरीके से सप्लाई हो सकेगी।

इसके अलावा राज्य में पहले से चार जिलों पटना, पूर्णिया, कटिहार और बेगूसराय में नागरिक सुरक्षा इकाई का गठन अगस्त, 2016 में किया गया था। बाढ़ग्रस्त 24 जिलों में ऐसी टीम का गठन किया गया है।

इनकी जिला इकाइयों में विभिन्न कोटि के 192 नये पदों को मंजूरी दी गयी है। इसके लिए बिहार नागरिक सुरक्षा क्षेत्रीय लिपिकीय संवर्ग नियमावली, 2017 और बिहार नागरिक सुरक्षा क्षेत्रीय आशुलिपिक संवर्ग नियमावली, 2017 के गठन को मंजूरी दी गयी है।

कैबिनेट के फैसले
-बिहार पुलिस चालक संवर्ग नियमावली, 2017 को मंजूरी मिली है। महिलाएं को 35 फीसदी आरक्षण मिलेगा।
-नालंदा जिले में गिरियक को नगर पंचायत घोषित किया गया।
-पटना के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के लिए योजना को संशोधित करते हुए 302 करोड़ कर दिया गया है। यह कार्य बुडको के जरिये होगा।

-नालंदा स्थित ह्वेगसांग स्मृति भवन के सामने प्रस्तावित सांस्कृतिक ग्राम के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए संशोधित कर 63.50 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
-किशनगंज में डॉ कलाम कृषि कॉलेज परिसर में ओपी का सृजन। 14 नये पदों की स्वीकृति दी गयी।
-एससी-एसटी के पांच जिलों किशनगंज, बांका, जमुई, भागलपुर और बक्सर में 300 बेड वाले स्कूलों और छात्रावास भवन का निर्माण करने की स्वीकृति दी गयी है।

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-नाबार्ड ऋण योजना के तहत मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक नदी पर सोडा गोदाम चौक से अहियापुर के बीच पहुंच पथ निर्माण कार्य समेत दो लेन के पुल को मंजूरी।

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