नीतीश कैबिनेट का फैसला: राज्य कर्मियों को अब केंद्रीय कर्मियों की तर्ज पर मिलेगा ग्रेच्युटी

बिहार कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को 22 एजेंडों पर मुहर लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि 2004 के बाद नौकरी करने वाले राज्यकर्मियों कों भी अब केंद्रीय कर्मियों की तर्ज पर ग्रेज्युटी का लाभ मिलेगा। इसके लिए बिहार सरकार ने पेंशन नियमावली में संशोधन किया है।

इन फैसलों पर लगी मुहर
-डॉक्टरी क्षेत्र में इंटर्नशिप करने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति 3 हजार रुपए बढ़ी।
-नई पेंशन योजन के तहत राज्य कर्मियों को मृत्यु सह सेवानिवृति उपदान का लाभ देने की स्वीकृति दी गयी।
-कृषि यंत्र के लिए 180 करोड़ जारी।
-कैबिनेट ने कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के नियंत्रणाधीन उप शास्त्री स्तरीय महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को एक जनवरी 2006 के प्रभाव से पीबी -3, ग्रेड पे 6600 में सैद्धांतिक रूप से वेतन पुनरीक्षण व पहली अप्रैल 2007 से पुनरीक्षित वेतनमान का आर्थिक लाभ देने की मंजूरी दी गयी।

-सासाराम न्यायालय के तहत बिक्रमगंज में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के एक पद के सृजन व उसपर होने वाले वार्षिक व्यय की स्वीकृति।
-बांका के भू अर्जन पदाधिकारी जयश्री ठाकुर और बिहार वित्त सेवा के शकील अहमद की सेवा से बर्खास्तगी की स्वीकृति।
-कैबिनेट ने बिहार पुलिस आशु संवर्ग सेवा नियमावली 2017 के गठन की स्वीकृति।
-बिहार पुलिस अव सेवा आयोग नियमावली 2017 के प्रारूप में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति।

-कैबिनेट ने बिहार पुलिस खेल कूद नीति 2013 में संशोधन की अनुमति दी।
-पूर्वी चंपारण जिला के नगर पंचायत ढ़ाका को अपग्रेड करते हुए नगर परिषद का दर्जा दिया गया।
-बिहार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी(भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियमावली 2017 के नियम-दो में संशोधन की मंजूरी।
-बिहार विवि आयोग अधिनियम के प्रारुप पर हरी झंडी।

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-बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के लिए सृजित विधि सहायक के दो पदों को वापस करते हुए उनके स्थान पर बिहार सचिवालय सेवा संवर्ग के सहायक के दो पदों के सृजन की स्वीकृति दी गयी।
-कैबिनेट ने फास्ट ट्रैक कोर्ट, मधुबनी के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के दंडादेश संशोधन की स्वीकृति दी गयी।
-खाद्य सुरक्षा शिकायत निवारण नियमावली 2017 की स्वीकृति।
-प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर सुनी जाएगी शिकायत।

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