बिहार की इस बेटी ने जीता नोबेल एशिया अवार्ड 2018, …जानिए

मुजफ्फरपुर की सीमा नैय्यर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार परचम लहरा रही है। बीते वर्ष ‘मिसेज भारत आइकॉन’ का खिताब जीत चुकी सीमा ने अब नोबेल एशिया अवार्ड 2018 अपने नाम किया है।

तिरंगा चैलेंज के तहत देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में योगदान तथा पर्यावरण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उनको यह अवार्ड मिला। वर्ल्ड रिकॉर्ड फाउंडेशन द्वारा सूरत में आयोजित एक भव्य समारोह में उनको वहां की महापौर ने इसे प्रदान किया।

वह जवाहर लाल रोड अंडी गोला निवासी योगेंद्र कुमार जायसवाल एवं शैलबाला की पुत्री है। जायसवाल परिवार बेटी को लगातार मिल रही उपलब्धियों से गौरवान्वित है। वे कहते है कि सीमा बचपन से ही कुछ ऐसा करना चाहती थी, जिससे वह लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने। लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि शादी के डेढ़ दशक बाद वे अपनी प्रतिभा का डंका बजाकर परिवार, जिला एवं राज्य का नाम रोशन करेगी।

सीमा ने मुजफ्फरपुर से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद पटना विमेंस कॉलेज से स्नातक एवं भारतीय विद्यापीठ कोल्हापुर से एमबीए की डिग्री हासिल की। वर्ष 1999 में उनकी शादी मोहित नैय्यर से हुई थी।

सीमा का कहना है कि कुछ करने के लिए उम्र मायने नहीं रखता। बस अपने आप पर विश्वास करने की जरूरत है। आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। वह अपनी सफलता का श्रेय पति, बेटी के साथ-साथ दोस्तों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को देती हैं।

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