26 मई को जर्मनी में मनेगा बिहार दिवस, …जानिए

सात समंदर पार रह रहे बिहारी मूल के लोगों को एक कड़ी में जोड़ने के प्रयासों के तहत जर्मनी के बर्लिन शहर में 26 मई को ‘बिहार दिवस’ मनाया जाएगा। जर्मनी में रह रहे बिहार के लोगों ने ‘Bihar Fraternity Germany’ के बैनर तले इस आयोजन की योजना बनाई है। Bihar Fraternity Germany के संस्थापक प्रकाश शर्मा ने इस आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया, ‘इस आयोजन का तीन उद्देश्य है। पहला, बिहार के प्रवासियों को एक साथ लाना। दूसरा, बिहार के लोगों को जर्मनी के लोगों से परिचित कराना। तीसरा, बिहार में रह रहे लोगों के जीवन में पॉजिटिव बदलाव लाना।’

मूल रूप से जहानाबाद के रहने वाले और पटना में रहकर पढ़ाई करने वाले प्रकाश शर्मा पिछले 6 साल से जर्मनी में हैं। आईटी प्रोफेशनल प्रकाश शर्मा ने फेसबुक पर Bihar Fraternity Germany ग्रुप बनाया। शुरुआत के दिनों में प्रकाश इस ग्रुप में बिहार से संबंधित पोस्ट जैसे की यहां के व्यंजन, बिहार के टूरिस्ट प्लेस के अलावा बिहार की कला संस्कृति से संबंधित कंटेंट डालते रहते थे।

देखते ही देखते इस ग्रुप के सदस्यों की संख्या बढ़ने लगी। फिर इसी ग्रुप के माध्यम से जर्मनी में रहने वाले बिहारी एक दूसरे के संपर्क में आते रहे। हम आपको बता दें कि इस ग्रुप में ना सिर्फ जर्मनी बल्कि अन्य यूरोपीय मुल्कों में रह रहे बिहारी भी जुड़ते चले गए। इसके बाद ग्रुप के सक्रिय सदस्यों ने तय किया कि अब इसे एक संस्था का रूप दे देना चाहिए।

Bihar Fraternity Germany को अब रजिस्टर्ड कराने की प्रक्रिया चल रही है। इस फोरम में अध्यक्ष अरविंद सिन्हा की अगुवाई में 9 सदस्यीय एग्जिक्यूटिव समिति है और 350 सदस्य हैं। बिहार के प्राय: सभी जिलों के रहने वाले लोग जो जर्मनी में हैं वे Bihar Fraternity Germany से जुड़े हैं। सबसे पहले तो मिलने जुलने का दौर शुरू हुआ और उसके बाद दो बड़े कार्यक्रम अब तक आयोजित किए जा चुके हैं।

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पहला कार्यक्रम जर्मनी के डसेलडोर्फ में और दूसरा मेगा कार्यक्रम फ्रैंकफर्ट में आयोजित किया गया। अब बर्लिन शहर में 26 मई को ‘बिहार दिवस’ का विशाल कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है और इस अवसर पर Bihar Fraternity Germany फोरम का आधिकारिक उद्घाटन भी होगा। Bihar Fraternity Germany के संस्थापक प्रकाश शर्मा ने बताया कि संगठन का मकसद बिहार को वैश्विक ब्रांड बनाने के साथ ही यहां शिक्षा, आधुनिक खेती, उद्यम, अक्षय ऊर्जा, कला और साहित्य को प्रोत्साहन भी देना है।

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