एनडीए का साथ छोड़ महागंठबधन में शामिल हुए जीतन राम मांझी

बिहार की राजनीति में बुधवार को बड़ा उलटफेर हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से नाता तोड़कर राजद-कांग्रेस के महागठबंधन में शामिल हो गए हैं। राजद नेताओं तेजस्वी यादव, अब्दुल बारी सिद्धिकी, रामचंद्र पूर्वे और भोला यादव की मौजूदगी में जीतन राम मांझी ने एनडीए छोड़कर महागठबंधन ज्वाइंन करने का औपचारिक ऐलान कर दिया। 

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इस मौके पर उन्होंने जदयू और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम पार्टी के कोर कमेटी के निर्णय के आलोक में महागठबंधन में शामिल होने का फैसला किया है। बिहार विधानसभा के प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेता यहां आए हैं। हमलोगों ने इन्हें आमंत्रित किया था। जीतन राम मांझी ने इस मौके पर नशाबंदी और बालू जैसे मुद्दों को उठाकर नीतीश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून के तहत आज जेलों में 90 हजार के करीब लोग बंद हैं जिनमें सबसे ज्यादा गरीब हैं, इसके साथ ही बालू संकट ने बिहार के गरीबों को रोजगार बना दिया है।

मांझी ने ऐलान किया है कि हमलोग महागठबंधन में शामिल हो गए हैं और उपचुनाव के लिए हमारे कार्यकर्ता कल से महागठबंधन के उम्मीदवारों को जीताने में जी जान से जुट जाएंगे। मांझी ने आरक्षण के दायरे को बढाने की मांग के साथ साथ के एस द्विवेदी को नया डीजीपी बनाने पर सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की राज्य में हालत खराब है। लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं और सत्ता में बैठे लोग संज्ञान नहीं ले रहे हैं। मांझी ने आऱोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने कैडर को खड़ा कर हम पार्टी के उम्मीदवारों को हराया हैं।

तेजस्वी ने इस मौके पर जीतन राम मांझी के फैसले का स्वागत किया। इस फैसले का बिहार के लोग स्वागत कर रहे हैं और खुश हैं। बिहार के भविष्य के लिए ये बेहतर होगा। देश में तानशाही की सरकार चल रही है। गरीब के हित में जो मांझी ने फैसला किया मैंं उन्हें धन्यवाद देता हूं।

इससे पहले सुबह 10 बजे तेजस्वी अपनी पार्टी के नेताओं भोला यादव और भाई वीरेंद्र के साथ मांझी के आवास पर मिलने पहुंचे। इसके कुछ देर बाद ही लालू के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव भी मांझी से मिलने उनके आवास पर जा पहुंचे। लगभग 45 मिनट की मुलाकात के बाद मांझी के साथ तेजस्वी और तेजप्रताप बाहर आये जिसके बाद मांझी ने एनडीए छोड़ने का ऐलान किया। इस दौरान तेजस्वी ने मांझी को पिता तुल्य बताया।

ज्ञात हो कि एनडीए के सहयोगी दल रहे हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी गठबंधन में उचित स्थान न दिए जाने से काफी समय नाराज चल रहे थे। वह समय-समय पर इसको लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर चुके थे। यही नहीं, उन्होंने कई मुद्दों पर केन्द्र व राज्य सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया था।

मांझी ने आगामी 23 मार्च को बिहार से राज्यसभा की छह सीटों के लिए होने वाले चुनाव में अपनी पार्टी से एक व्यक्ति को एनडीए का उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर एनडीए नेतृत्व ने उनकी मांग को अनसुना किया गया तो पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बिहार में आगामी 11 मार्च को अररिया लोकसभा सीट और जहानाबाद एवं भभुआ विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार नहीं करेंगे।

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