बिहार को मिली दो लाइफ लाइन: CM नीतीश ने किया उद्घाटन

रविवार को 35 वर्षों बाद पुल के क्षेत्र में बिहार ने नया इतिहास रचा। मई 1982 में उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोडऩे के लिए महात्मा गांधी सेतु का उद्घाटन हुआ था। इसके पहले 1959 में मोकामा स्थित राजेंद्र सेतु खुला था। इनके अलावा उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार के संपर्क के और कोई साधन नहीं थे। 35 वर्षों बाद एक साथ दो पुलों के उद्घाटन के साथ उत्तर व दक्षिण बिहार को दो लाइफलाइन मिले।

रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सचिवालय से आरा-छपरा के बीच बने वीर कुंवर सिंह सेतु और दीघा सोनपुर पुल के पहुंच पथ का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद रहें।

सरकार ने दीघा-सोनपुर सड़क पुल का नाम लोकनायक जयप्रकाश नारायण सेतु और आरा-छपरा पुल का नाम वीरकुंवर सिंह सेतु के रूप में अधिसूचित कर दिया है।

दूरियां हुईं कम, जाम से भी मिलेगी मुक्ति
दीघा-सोनपुर और आरा-छपरा पुल के आरंभ होने से दूरियां कम हो गई। जाम से भी लोगों को मुक्ति मिलेगी। आरा से जो वाहन पटना होते हुए वाया हाजीपुर मजबूरी में उत्तर बिहार के अलग-अलग शहरों के लिए निकलते हैैं उन्हें सवा सौ किमी से भी अधिक कम चलना होगा और पटना आए बगैर वे आरा-छपरा पुल होते हुए उत्तर बिहार के लिए निकल जाएंगे।

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