सरकारी विभागों में ठेके या कॉन्ट्रेक्ट पर की गई भर्तियों में भी लागू होगा आरक्षण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। अब आउटसोर्सिंग के तहत राज्य सरकार के विभागों में ली जाने वाली सेवाओं में भी आरक्षण लागू होगा। राज्य सरकार की नौकरियों की तरह इसमें भी आरक्षण के नियम लागू होंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दस प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा कि किसी भी कार्य के लिए विभाग बाहरी एजेंसी से कर्मी की मांग करते हैं, तो उसमें यह आरक्षण लागू होगा।

किसको कितना है आरक्षण :
अनूसूचित जाति : 16, अनुसूचित जनजाति : 01, अति पिछड़ा वर्ग : 18, पिछड़ा वर्ग : 12, पिछड़ा वर्ग महिला : 03. इन सभी कोटि में 35 फीसदी महिलाओं, चार फीसदी नि:शक्त और दो फीसदी स्वतंत्रता सेनानी के पोता, पोती, नाती और नतीनी के लिए आरक्षण है।

ब्रजेश महरोत्रा ने बताया कि सरकारी स्तर पर की जाने वाली बहाली में आरक्षण के जो प्रावधान लागू हैं, अब आउट सोर्सिंग के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाओं में भी उसका पालन होगा।

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने 8000 नवनियुक्त सिपाहियों (महिला सहित) के प्रशिक्षण के लिए राज्य के 8 बी.एम.पी. केन्द्रों में 1000-1000 क्षमता के प्रशिक्षण केन्द्र के निमार्ण के लिए संशोधित तकनीकी अनुमोदित प्राक्किलत राशि 150 करोड 64 लाख की नयी स्कीम की प्रशासनिक स्वीकति प्रदान कर दी है।

ब्रजेश ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाशपर्व के समापन समारोह के आयोजन के अवसर पर पटना में दो स्थानों पर अस्थायी टेंट सिटी निमार्ण के लिए 52 करोड़ रूपये के व्यय की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2017—18 में उक्त राशि को बिहार आकस्मिकता निधि से उपलब्ध कराने की मंजूरी प्रदान की गई।

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कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
1-छह पॉलिटेकनिक संस्थानों में नया डिप्लोमा पाठयक्रम संचालन के लिए पदों के सृजन की स्वीकृति।
2-कैमूर भभुआ न्यायमंडल के अंतर्गत अनुमंडलीय मोहनिया में सिविल जज और मुंसिफ के एक एक पद और न्यायिक दंडाधिकारी के दो पद सृजन के लिए 41 लाख चार हजार सात सौ राशि स्वीकृत।

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