बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद होंगे देश के अगले राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार: अमित शाह

बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद देश के अगले राष्ट्रपति हो सकते हैं। कोविंद को भाजपा ने राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने आशा जाहिर की है कि रामनाथ कोविंद के नाम पर सर्वसम्मति बन जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी एनडीए के सभी दलों को दे दी गई है।

1 अक्टूबर 1945 को उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में जन्में रामनाथ की शादी 30 मई 1974 को सविता कोविंद से हुई थी। उन्हें एक बेटा प्रशांत कुमार और बेटी स्वाति है।

  • रामनाथ ने उत्तरप्रदेश के कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम और एल.एल.बी की पढ़ाई की है। 1971 में दिल्ली बार काउंसिल में वह वकील के रूप में इनरोल हुए। जल्द ही उनकी गिनती दिल्ली हाईकोर्ट के अच्छे वकील में होने लगी।
  • 1978 से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस की शुरुआत की। 1993 तक दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने प्रैक्टिस की। इस दौरान रामनाथ केंद्र सरकार के वकील के रूप में भी कोर्ट जाते थे।
  • रामनाथ के राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1994 में हुई थी। उन्हें अप्रैल 1994 में राज्यसभा सांसद के रूप में चुना गया था। वह 12 साल ( मार्च 2006) तक राज्यसभा सांसद रहे। इस दौरान रामनाथ संसद की कई समितियों के सदस्य रहें।
  • रामनाथ डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य रहे हैं। वह IIM कोलकाता के मेंबर ऑफ बोर्ड ऑफ गवर्नर रहे हैं।
  • रामनाथ ने 2002 में यूनाइटेड नेशन के जनरल एसेंबली में भारत को रिप्रजेंट किया था।

कमजोर वर्ग के लिए किया संघर्ष
– रामनाथ को कमजोर वर्ग के लोगों के हक के लिए संघर्ष करने के लिए जाना जाता है। 1997 में केंद्र सरकार द्वारा कुछ ऐसे फैसले लिए गए थे, जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने वाला था।
– रामनाथ एससी,एसटी कर्मचारियों द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ चलाए जा रहे मूवमेंट में शामिल हुए और सरकार के आदेश के असर को खत्म कराकर माना।
– शिक्षा के प्रसार के लिए भी रामनाथ ने काम किया है। 12 साल सांसद रहने के दौरान उन्होंने गांव में बुनियादी शिक्षा के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर बल दिया था। इसके लिए उन्होंने एम.पी, एल.ए.डी, स्कीम से उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में स्कूल भवनों का निर्माण कराया।
– वकालत के दौरान रामनाथ ने समाज के कमजोर तबके को मुफ्त में कानूनी सहायता मिले इसके लिए काम किया था। इसी दिशा में काम करने के लिए दिल्ली में फ्री लीगल एड सोसाइटी बनाई गई थी।

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यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि इस राज्य के राज्यपाल देश के राष्ट्रपति होंगे। बिहार में इसे लेकर खुशी की लहर देखी जा रही है। सभी लोग अपने-अपने टीवी सेट्स पर नजरें गड़ाए हुए हैं। किसी को अपनी आंखों पर भरोसा ही नहीं हो रहा कि उनके राज्यपाल अब देश के राष्ट्रपति होंगे। बिहार के लोगों में इसे लेकर उत्साह दिख रहा है लोगों का कहना हैे कि देश को पहला राष्ट्रपति बिहार ने दिया था और आज बिहार के राज्यपाल का नाम आगे आया है।

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